नई दिल्ली। आईसीसी टी20 विश्व कप में बुरी तरह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद टीम इंडिया में बदलाव का दौर जारी है. इस कड़ी में जहां सबसे पहले कोच रवि शास्त्री की जगह राहुल द्रविड़ को टीम को बागडोर सौंपी गई. वहीं उसके बाद विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को नया टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया. इन दोनों की जोड़ी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में जहां 2-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है. वहीं, कानपुर में 25 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का आधिकारिक ऐलान तो नहीं किया है लेकिन टीम के रोस्टर में गेंदबाजी कोच पारस महाम्ब्रे,फील्डिंग कोच के लिए टी. दिलीप और बल्लेबाजी कोच की रेस में विक्रम राठौड़ का नाम शामिल है. इसकी जानकारी स्पोर्ट्स तक को मिले टीम इंडिया के रोस्टर में स्पष्ट रूप से सामने आई है.
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गौरतलब है कि शास्त्री के साथ टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में शामिल फील्डिंग कोच आर. श्रीधर और गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने भी अपने कार्यकाल को आगे बढाने से मना कर दिया था. ऐसा माना जा रहा है कि अधिक उम्र होने के कारण ये दोनों पुनः टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ के लिए अप्लाई नहीं कर सके हैं. जबकि इनके साथी विक्रम राठौड़ ने अप्लाई किया था और उन्हें बोर्ड ने पद पर काबिज रखा है.
घरेलू क्रिकेट में महाम्ब्रे का रहा जलवा
पारस अंडर-19 क्रिकेट टीम के तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ के साथ गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. महाम्ब्रे ने 1996 से 1998 के बीच भारत के लिए दो टेस्ट और तीन वनडे खेल चुके हैं. उन्होंने मुंबई के लिए 91 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 284 विकेट लिए हैं. वह रणजी ट्रॉफी में बंगाल और बड़ौदा के कोच रह चुके हैं. उन्होंने बंगाल को रणजी फाइनल तक पहुंचाया है. वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी के साथ भी रहे हैं. इसके बाद वे नेशनल क्रिकेट एकेडमी के साथ जुड़ गए थे. 2020 में अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचने वाली भारतीय टीम के कोच भी पारस ही थे.
पहले भी द्रविड़ के साथ काम कर चुके हैं दिलीप
दिलीप हैदराबाद रणजी टीम के कोच भी रह चुके हैं और द्रविड़ के साथ नेशनल क्रिकेट एकेडमी का भी हिस्सा रहे हैं. हालांकि दिलीप के पास क्रिकेट खेलने का अनुभव काफी कम है. वह प्रथम श्रेणी में सिर्फ एक मैच जबकि घरेलू टी20 क्रिकेट के सिर्फ तीन मैच हो खेले हैं. जिसमें क्रमशः उनके बल्ले से सिर्फ 16 पर 21 रन ही निकले हैं.
न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले जुड़ेगा कोचिंग स्टाफ
बीसीसीआई ने कोचिंग स्टाफ को दो साल के लिए टीम में शामिल किया है. जिसमें इनके कार्यकाल की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज और आईसीसी 2023 वनडे विश्व कप आखिरी टूर्नामेंट माना जा रहा है. ऐसे में द्रविड़ की सेना के उपर भारत को पिछले 9 साल से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी. क्योंकि 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के बाद से भारत अभी तक कोई भी आईसीसी ट्राफी नहीं जीता है. ज्व्बकी इस दौरान उसे चार आईसीसी टूर्नामेंट में हार कर बाहर होना पड़ा है.
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