जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को पहली पारी के आधार पर हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी जीत ली है. इसी के साथ जम्मू-कश्मीर का 67 साल का इंतजार भी खत्म हो गया है. जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी और पहली बार में ही उसने इतिहास रच दिया. इसके बाद जम्मू-कश्मीर पर पैसों की बारिश होने लगी है. पांच दिन तक चले मुकाबले में जम्मू -कश्मीर ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा और इस सत्र में अपने अभियान का शानदार अंत किया.
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जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब
जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन ही बना पाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली और उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने की बजाय दूसरी पारी खेलने का फैसला किया. मैच के पांचवें और आखिरी दिन जम्मू-कश्मीर ने जब अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे तब दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और जम्मू कश्मीर पहली बार चैंपियन बन गया.
दो करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा
इस ऐतिहासिक जीत के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विजेता टीम के लिए दो करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की, जो खुद हुबली के स्टेडियम में मौजूद थे. वह आखिरी दिन जम्मू- कश्मीर की टीम का हौसला बढ़ाने के लिए स्टेडियम के स्टैंड में मौजूद थे.
पांच करोड़ रुपये का इनाम
जम्मू-कश्मीर को खिताब जीतने पर बीसीसीआई की तरफ से पांच करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा. BCCI ने अप्रैल 2023 में डोमेस्टिक इनामी राशि को बढ़ा दिया था. रणजी ट्रॉफी की विजेता को अब 5 करोड़ रुपये, रनर अप को 3 करोड़ रुपये और हारने वाले सेमी-फा इनलिस्ट को एक करोड़ रुपये मिलेंगे.
जीत के हीरो
जम्मू-कश्मीर की पहली पारी में 121 रन ठोकने वाले शुभम पुंडीर प्लेयर ऑफ द मैच रहे. वहीं आकिब जावेद प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 60 विकेट लिए. साथ ही 245 रन भी बनाए.
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