टेस्ट टीम से बाहर हुए साहा तो द्रविड़ व गांगुली की खोली पोल, कहा - एक ने संन्यास लेने तो दूसरे ने...

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नई दिल्ली। भारतीय टेस्ट टीम इंडिया (Team India) के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को जैसे ही श्री लंका (Sri Lanka) के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर किया गया है. तबसे वह चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक तरफ जहां टीम का ऐलान होने के बाद शनिवार शाम को उन्होंने पत्रकार से मिलने वाले शर्मनाक मैसेज को सबके सामने शेयर किया. वहीं अब साहा ने उनके ही राज्य बंगाल से आने वाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के बारे में बड़ा खुलासा किया है. साहा (Wriddhiman Saha Retirement) का मानना है कि गांगुली ने जहां मुझसे वादा किया था कि तुम टीम में बने रहोगे. वहीं द्रविड़ ने कहा था कि तुम संन्यास क्यों नहीं ले लेते.

 

द्रविड़ ने दी थी संन्यास की सलाह 
ऐसे में टेस्ट टीम इंडिया से बाहर होने के बाद साहा को दोनों पूर्व खिलाडियों की बात से काफी दुःख पहुंचा है. जिसके बारे में उन्होंने कहा, "टीम प्रबंधन ने मुझसे कहा था कि अब मुझ पर विचार नहीं किया जाएगा. मैं यह तब तक नहीं बता सकता था जब तक मैं भारतीय टीम का हिस्सा था. इतना ही नहीं इसके साथ ही हेड कोच राहुल द्रविड़ ने तो मुझे संन्यास लेने तक की सलाह दे डाली थी."

 

जब तक मैं BCCI में हूं, तुम टीम में हो
ऐसे में द्रविड़ के बार बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जब मैंने पिछले नवंबर में कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में दर्द निवारक दवा लेते हुए नाबाद 61 रन बनाए तो दादी (यानि सौरव गांगुली, उन्हें प्यार से खिलाडी दादी कहते हैं) ने मुझे व्हाट्सएप पर बधाई दी और लिखा कि जब तक मैं BCCI में हूं, तुम टीम में हो."

 

12 साल में 40 टेस्ट मैच खेले साहा 
बता दें कि गांगुली और द्रविड़ के विपरीत बयानों से परेशान साहा को अब टेस्ट टीम इंडिया से बाहर किया जा चुका है. 37 साल के हो चुके साहा ने भारत के लिए पहला टेस्ट मैच साल 2010 में खेला था. जिसके चलते पिछले 12 सालों से वह टीम इंडिया का हिसा रहे हैं और इस दौरान उन्हें 40 टेस्ट मैचों में ही खेलने का मौका मिला है क्योंकि इनके समय में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विकेटकीपर थे और उनकी अनुपस्थिति में ही किसी की जगह बनती थी. यही कारण है कि साहा को काफी कम टेस्ट मैच खेलने को मिले और अब टीम मैनेजमेंट उनके उपर ऋषभ पंत को पहले विकेटकीपर के रूप में मानता है. पंत के अलावा मैनेजमेंट ने केएस भरत को युवा विकेटकीपर के रूप में शामिल किया है. हालांकि श्रीलंका के खिलाफ साहा के साथ चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और ईशांत शर्मा को भी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर रखा गया है.  

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