रणजी ट्रॉफी में मुंबई की ओडिशा के खिलाफ पारी की जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले 21 साल के ऑफ स्पिनर हिमांशु सिंह का कहना है कि उन्हें नेट सेशन के दौरान रोहित शर्मा से ज्यादा विराट कोहली को परेशान करने में तसल्ली मिली. उनका कहना है कि उस नेट सेशन के कारण उनका आत्मविश्वास बढ़ा, जो अब रणजी में मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन करने में मदद कर रहा है.
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हिमांशु बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले चेन्नई में भारत के छह दिन के कैंप के दौरान नेट गेंदबाजों में से एक थे. ओडिशा के खिलाफ अपने तीसरे फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया. उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर कुल सात विकेट लिए, जिसके दम पर मुंबई को घरेलू मैदान पर पारी और 103 रनों की जीत दर्ज करने में मदद मिली.
नेट सेशन से बढ़ा आत्मविश्वास
मुंबई की इस जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए हिमांशु ने भारत के नेट सेशन को लेकर कई खुलासे किए. वहां पर मिले अपने अनुभव को लेकर भी उन्होंने बात की. हिमांशु ने कहा-
मैंने रोहित और कोहली के खिलाफ गेंदबाजी की और दोनों को बीट किया, लेकिन विराट भाई को बीट करना ज्यादा संतोषजनक था. मैंने (रवींद्र) जडेजा से उनकी तैयारियों आदि के बारे में बात की.
मुंबई के युवा स्पिनर ने आगे कहा-
मैं पहले चेन्नई गया था. रणजी में खेलना मेरे लिए बाद में हुआ. बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ वहां गेंदबाजी करने के बाद मुझे काफी आत्मविश्वास मिला. अब यह आत्मविश्वास यहां भी दिख रहा है और मैं इससे खुश हूं.
हिमांशु का कहना है कि उन्होंने भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और नाथन लायन को देखकर ऑफ स्पिन गेंदबाजी के बारे में बहुत कुछ सीखा. उन्होंने कहा-
मैं पूरी दुनिया में सिर्फ दो गेंदबाजों को फॉलो करता हूं. नाथन लायन और आर अश्विन. व्हाइट और रेड बॉल क्रिकेट में ऑफ स्पिन गेंदबाजी के मामले में मैंने जो कुछ भी सीखा है, वो उन्हें गेंदबाज़ी करते हुए देखकर सीखा है.
6 फुट 4 इंच लंबे हिमांशु का कहा-
ये मेरा सिर्फ तीसरा मैच था. मुझे अभी लंबा सफर तय करना है. मैं ये नहीं कह सकता कि मैं सेटल हो गया हूं, मगर ये सब सीखने के बारे में है.
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