BCCI ने ब्लाइंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) की मैंस और विमेंस टीमों के लिए 'स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट' की घोषणा की है, जिसमें इंटरनेशनल एक्सपोजर, घरेलू सीरीज सपोर्ट और वेन्यू एक्सेस शामिल है. दोनों टीमों ने ग्लोबल स्टेज पर सफलता हासिल की है. मैंस टीम ने पिछले कुछ सालों में कई वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती हैं, जिसमें 2014 और 2018 में ODI ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2012, 2017 और 2022 में T20 ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप शामिल हैं. वहीं महिला टीम ने पिछले साल नवंबर में पहला महिला T20 वर्ल्ड कप फॉर द ब्लाइंड का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था.
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इस पहल के तहत BCCI दोनों टीमों को हर साल दो विदेशी टूर्नामेंट के लिए इंटरनेशनल ट्रैवल, भारत में होने वाली बाइलेटरल सीरीज़ के दौरान घरेलू और मेहमान टीमों के रहने की जगह, घरेलू और इंटरनेशनल मैचों के लिए BCCI से जुड़े स्टेडियम और ग्राउंड का एक्सेस देगा.BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि भारत के नेत्रहीन क्रिकेटरों की उपलब्धियां क्रिकेट की दुनिया के लिए बहुत गर्व की बात हैं. इस सपोर्ट फ्रेमवर्क के जरिए BCCI का मकसद इन एथलीटों के लिए मौके, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोजर को मजबूत करना है.
सबको साथ लेकर चलना जरूरी
उन्होंने विजन के बारे में बात करते हुए आगे कहा कि खेल के लिए उनके विजन में सबको साथ लेकर चलना सबसे जरूरी है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह सपोर्ट टीमों को कॉन्फिडेंस के साथ बेहतर करने और कई और लोगों को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा. BCCI यह पक्का करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए कमिटेड है कि क्रिकेट सभी के लिए एक खेल बना रहे. BCCI ने कहा कि वह इन कोशिशों को आगे बढ़ाने और भारत में नेत्रहीन लोगों के लिए क्रिकेट के ज़्यादा मौके बनाने के लिए CABI के साथ काम करने के लिए उम्मीद करता है.
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