पाकिस्तानी बल्लबेाज फख़र जमां को पीएसएल 2026 के दो मैचों के लिए बैन कर दिया गया है. उन्हें टूर्नामेंट की आचार संहिता के लेवल 3 को तोड़ने का दोषी माना गया है. लाहौर कलंदर्स की तरफ से खेल रहे फख़र जमां ने कराची किंग्स के खिलाफ 29 मार्च को खेले गए मैच में गेंद को खराब किया था. इसके बाद मैदानी अंपायर्स ने लाहौर पर पांच रन की पेनल्टी लगाई थी और गेंद को भी बदल दिया था. कराची ने वह मैच आखिरी ओवर में जीता था.
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लाहौर-कराची मैच के मैदानी अंपायर शाहिद सैकट और फैसल खान ने फख़र के खिलाफ आर्टिकल 2.14 के तहत शिकायत की. पाकिस्तानी बल्लेबाज ने आरोप से इनकार किया. इसके बाद अनुशासनिक सुनवाई की जरूरत पड़ी. मैच रेफरी रोशन महानामा के सामने हुई सुनवाई के दौरान फख़र को दोषी पाया गया. इस दौरान सभी सबूतों को देखा गया और फख़र की गवाही भी ली गई. सुनवाई में लाहौर के कप्तान शाहीन अफरीदी, टीम डायरेक्टर समीन राणा और मैनेजर फारूक अनवर मौजूद रहे.
फख़र जमां को मिली सर्वोच्च सजा
पीएसएल नियमों के तहत लेवल 3 अपराध के तहत कम से कम एक और अधिकतम दो मैच का बैन होता है. फख़र को इसके तहत सर्वोच्च सजा दी गई. वह अब लाहौर के अगले दो मैचों से बाहर रहेंगे जो 3 अप्रैल को मुल्तान सुल्तांस व 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड से होने हैं. पीएसएल आचार संहिता के तहत खिलाड़ियों के पास इस तरह के फैसलों के खिलाफ अपील करने का मौका होता है. वे फैसले के 48 घंटे बाद टूर्नामेंट की तकनीकी कमिटी के सामने अपना केस ले जा सकते हैं.
पीएसएल 2026 के दौरान अभी तक लाहौर ने दो मैच खेले हैं. उसके नाम एक जीत व एक हार है. यह टीम जबरदस्ती लोगों को होटल अंदर ले जाने के चलते भी विवादों में रही है. इसके तहत शाहीन अफरीदी को सजा मिली. वे टीम के साथी सिकंदर रजा के कुछ मेहमानों को रोक के बावजूद अंदर ले गए थे.
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