भारतीय क्रिकेट बोर्ड जल्द ही सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट पर फैसला करने वाली है. इस पर 29 मार्च को बैठक होने वाली थी लेकिन इसे टाल दिया गया है. बताया जाता है कि रोहित शर्मा, विराट कोहली, रवींद्र जडेजा जैसे सितारों को ए प्लस कैटेगरी से बाहर किया जा सकता है. इनके तीनों फॉर्मेट नहीं खेलने की वजह से यह निर्णय किया जा सकता है. इससे पहले भारतीय वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा का एक बयान सामने आया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले तीन आईसीसी इवेंट में भारत ने कमाल का प्रदर्शन किया है. इनमें से दो जीते हैं और एक के फाइनल में हार झेलनी पड़ी. ऐसे में इस टीम का हिस्सा रहे भारतीय खिलाड़ी सम्मान के हकदार हैं.
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भारत ने हाल ही में रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता. इससे पहले पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बने थे. वहीं 2023 में 50 ओवर वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. इन तीन आईसीसी इवेंट में भारत ने कुल 24 मुकाबले खेले और केवल एक ही गंवाया है जो वर्ल्ड कप 2023 फाइनल में था.
रोहित शर्मा बोले- खिलाड़ियों की इज्जत होनी चाहिए
रोहित ने मुंबई इंडियंस के एक्स पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, 'देखिए इस टीम ने पिछले तीन बड़े टूर्नामेंट में क्या हासिल किया है. इस तरह के टूर्नामेंट खेलना और बस एक मैच हारना और वह भी फाइनल (2023 वनडे विश्व कप). सोचिए कि अगर हम वह भी जीत जाते तो तीन आईसीसी टूर्नामेंटों में अपराजित रहते. ऐसा कभी सुना ही नहीं है. 24 में से 23 मैच जीतना. बाहर से यह बहुत अच्छा लगता है लेकिन इस टीम ने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं. हमने कठिन समय भी देखा है लेकिन फिर आपको जश्न मनाने का मौका भी मिला. मेरा मानना है कि इन तीन टूर्नामेंट में खेलने वाले खिलाड़ियों की इज्जत की जानी चाहिए.'
रोहित ने आगे कहा
यह उन सभी खिलाड़ियों के लिए है जो किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और निराशा में हैं, वे वापसी करना चाहते हैं और परिस्थितियां जो भी हो, बुलंदियां छूना चाहते हैं. हम घर पर सीरीज हार गए और ऑस्ट्रेलिया में अच्छा नहीं खेल सके. इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीती. पिछले नौ महीने इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि जीवन कैसा है. इसमें उतार-चढ़ाव हमेशा रहेंगे.
रोहित शर्मा ने बताया कैसे बदली टीम इंडिया
रोहित ने कहा कि 2022 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हार के बाद से माइंडसेट में बदलाव और नई यात्रा शुरू हुई. उन्होंने कहा, ‘उसके बाद से हमने खिलाड़ियों को साफ बता दिया कि उनसे क्या अपेक्षा की जाती है और हम उन्हें कैसे खेलते देखना चाहते हैं. इसके बाद स्पष्टता थी. खिलाड़ियों से काफी बात की गई. उन्हें आजादी देने की जरूरत थी ताकि वे निडर खेल सकें. हम कुछ सीरीज हारे लेकिन घबराए नहीं और प्रोसेस पर कायम रहे.’
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