'मुझे बाहर निकाला, फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं आकर..., संजू सैमसन का टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर बड़ा बयान

टीम इंडिया ने आठ मार्च को न्यूजीलैंड को हराकर अहमदाबाद में टी20 वर्ल्ड कप जीता था. उस जीत के बारे में बात करते हुए संजू सैमसन ने कहा कि अब भी जब वह सुबह उठते हैं तो सोचते हैं कि क्या सच में ऐसा हुआ है?

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संजू सैमसन ने पांच पारियों में 321 रन बनाए थे. (PC: Getty)

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संजू सैमसन ने पांच पारियों में 321 रन बनाए थे.

सैमसन वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे.

भारत की टी20 विश्व कप खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन ने कहा कि देश आने वाले कई सालों तक ग्लोबल क्रिकेट पर राज करने के लिए तैयार है. बीसीसीआई नमन पुरस्कार 2026 के मौके पर सैमसन ने भारत की जीत के सफर के दौरान अपने प्रदर्शन की तुलना एक फिल्म से की और कहा कि उन्हें अब भी इस पर यकीन नहीं हो रहा है. 

'हम WC जीतने के करीब थे, मगर...', भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाना चाहते हैं गिल

टीम इंडिया ने आठ मार्च को न्यूजीलैंड को हराकर अहमदाबाद में टी20 वर्ल्ड कप जीता था. उस जीत के बारे में बात करते हुए सैमसन ने कहा कि अब भी जब मैं सुबह उठता हूं तो सोचता हूं कि क्या सच में ऐसा हुआ है? ईमानदारी से कहूं तो यही अहसास है. उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में जिस तरह के बेहतरीन खिलाड़ी हैं उसे देखते हुए आने वाले सालों में यह जीत बार-बार दोहराई जाएगी. जिस बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए भारत निश्चित रूप से अब ऐसा बार-बार करेगा. 

पांच पारियों में 321 रन

टी20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था. उन्होंने सिर्फ पांच पारियों में लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया. शुरुआत में टीम में जगह नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ सुपर आठ के अहम मैच में, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया. तीनों मैचों में वह शतक के काफी करीब पहुंचे थे. 

 फिल्म जैसी कहानी

सैमसन ने कहा कि वह भारत को विश्व कप जिताने का सपना देख रहे थे. उन्होंने कहा कि बिल्कुल मुझे लगता है कि आप वही सपना देखते हैं, जहां आप जाना चाहते हैं लेकिन यह तय नहीं है कि आप उस रास्ते पर चल पाएं. इसलिए मेरी जिंदगी या मेरा करियर इसका सबसे अच्छा उदाहरण रहा है. मैं निश्चित रूप से कुछ साल पहले ऐसा करना चाहता था. सैमसन ने कहा कि मैं अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता था लेकिन इसकी अपनी ही एक योजना थी, अपनी ही एक कहानी थी.  तो यह कुछ-कुछ एक फिल्म जैसा था.मुझे इसमें मजा आया. 

मानसिक नजरिया बदला
 

सैमसन ने कहा कि जैसा कि मैंने पहले कहा कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता था, फिर मुझे मेरे सफर से हटा दिया गया और फिर अचानक टीम चाहती थी कि मैं आकर योगदान दूं और तभी मेरा मानसिक नजरिया थोड़ा बदल गया. मुझे लगता है कि उससे पहले न्यूजीलैंड सीरीज  में मेरा पूरा ध्यान सिर्फ अपने ऊपर था. 


उन्होंने आगे कहा कि वर्ल्ड कप में उनका पूरा ध्यान टीम पर था. वह सोचते थे कि टीम को किस चीज की जरूरत है और जिम्बाब्वे के मैच में ठीक उसी पल से हर कोई चाहता था कि वह टीम में योगदान दें. उन्हें अपनी भूमिका निभानी थी. तभी यह बदलाव आया और यह आत्मविश्वास जागा कि ठीक है कि टीम को उनकी जरूरत है और चलो वह करते हैं जो वह सबसे अच्छा कर सकते हो. तो यहीं से सब कुछ शुरू हुआ. 

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