ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट सिस्टम में दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि सीनियर क्रिकेटर बिग बैश लीग और विदेशी फ्रेंचाइज टूर्नामेंट के बीच के फाइनेंशियल गैप को लेकर सोचने लगे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपनी चिंताओं के साथ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया है और 2028 सीजन से पहले अपने करियर को लेकर एक बड़ा फ़ैसला लेने पर विचार कर रहे हैं. इस चर्चा में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस का भी नाम शामिल है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि कमिंस दूसरे सीनियर खिलाड़ियों के साथ मिलकर इस बात का मूल्यांकन करेंगे कि अगर BBL का सैलरी ग्लोबल मार्केट रेट के करीब नहीं पहुंचती है, तो वह साउथ अफ़्रीका की SA20 लीग में खेलने के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट' (NOC) के लिए कह सकते हैं.
ADVERTISEMENT
कोहली हैरान, गेंदबाज भी दंग, मनीष पांडे ने लपका 'IPL 2026 का सर्वश्रेष्ठ कैच'
खिलाड़ियों का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई टूर्नामेंट के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहने के लिए टॉप खिलाड़ियों की वैल्यू लगभग $1 मिलियन प्रति खिलाड़ी ( लगभग 10 करोड़) होनी चाहिए. वैसे विदेशी लीग से ऑफर मिलना कोई नई बात नहीं है. कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क को पहले भी 'द हंड्रेड' (The Hundred) में खेलने के ऑफर मिले थे, जिसमें ऑक्शन से पहले साइन करने की फीस लगभग प्रति खिलाड़ी 8 लाख डॉलर ( लगभग 8 करोड़) प्रस्तावित थी. अगर वे उन डील्स को मान लेते, तो यह तेज गेंदबाजों की तिकड़ी बांग्लादेश के ख़िलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो जाती.
10 करोड़ तक पहुंची कीमत
इन ऑफर्स और SA20 में इस समय बेहतरीन खिलाड़ियों द्वारा कमाई जा रही रकम ने भारत के बाहर होने वाले किसी बड़े फ्रेंचाइज टूर्नामेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष खिलाड़ियों की कीमत लगभग 1 मिलियन डॉलर प्रति खिलाड़ी तक पहुंचा दी है, जो BBL में अब तक उन्हें मिलने वाली फीस से कहीं ज़्यादा है.
घरेलू खिलाड़ी सिस्टम में बदलावों पर विचार
'द एज' की एक रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अब अपने घरेलू खिलाड़ी सिस्टम में बदलावों पर विचार कर रहा है, जिसमें BBL में विदेशी खिलाड़ियों के ड्राफ़्ट को खत्म करने की संभावना भी शामिल है. 2022 से इस सिस्टम के तहत प्लैटिनम और गोल्ड कैटेगरी में विदेशी खिलाड़ियों को साइन करने पर $20 मिलियन ( लगभग 110 करोड़) से ज़्यादा की रकम बांटी गई है और इसकी जगह अब सीधे कॉन्ट्रैक्ट देने का तरीका अपनाया जा सकता है. CA के क्रिकेट प्रमुख जेम्स ऑलसॉप ने इस स्थिति पर बात करते हुए इंटरनेशनल स्तर पर खिलाड़ियों की बढ़ती मांग से पैदा हुई चुनौती को स्वीकार किया.
मैचों के शेड्यूल की स्थिति से मामला और भी पेचीदा हो जाता है, क्योंकि इंटरनेशनल दौरों की वजह से आने वाले BBL सीजन के कुछ हिस्सों में खिलाड़ियों की उपलब्धता पहले से ही सीमित रहने की उम्मीद है. इस समर में होने वाला BBL भारत के ऑस्ट्रेलिया टेस्ट दौरे से बुरी तरह प्रभावित होगा, जो जनवरी से मार्च तक चलेगा. इसका मतलब है कि कमिंस, स्टार्क, ट्रैविस हेड और एलेक्स कैरी जैसे खिलाड़ी न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट मैचों के बाद वैसे भी उपलब्ध नहीं रहने वाले थे. भविष्य की बात करें तो 2027-28 में इंटरनेशनल मैचों का कैलेंडर ज़्यादा अनुकूल रहने की उम्मीद है. हालांकि फ़्रैंचाइज क्रिकेट के मौके तब भी ज़्यादा फ़ायदेमंद साबित हो सकते हैं.
विराट कोहली शतक जड़ने के बाद हुए इमोशनल, बोले- एक दिन सब खत्म हो जाएगा और मैं…
ADVERTISEMENT










