साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर बेयर्स स्वानपॉल को काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट' (NOC) देने से मना कर दिया गया है. नया सीजन गुरुवार से शुरू हो रहा है. इतना ही नहीं क्रिकेट साउथ अफ़्रीका (CSA) और उनकी घरेलू टीम 'लायंस' भी इस ऑलराउंडर के ख़िलाफ कार्रवाई करेगी, क्योंकि उन्होंने 'वन-डे कप' के फ़ाइनल के दौरान 'लायंस' टीम को बीच में ही छोड़कर खेल की बदनामी की थी.
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क्या है पूरा मामला
पिछले रविवार को अपने 10 ओवर का कोटा पूरा करने के बाद स्वानपॉल ने यह कहते हुए खेल छोड़ दिया कि उन्हें अपने काउंटी क्रिकेट के लिए इंग्लैंड की फ़्लाइट पकड़नी है. उससे एक शाम पहले उन्होंने अपने NOC पर साइन करने के लिए भी कहा था. क्लब को उनकी इंग्लैंड की फ़्लाइट के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और NOC मंजूर नहीं की गई थी.
साउथ अफ्रीका में खेलने की उम्मीदें खत्म
ऐसा माना जा रहा है कि स्वानपॉल इन आरोपों का विरोध नहीं करेंगे. हालांकि यह साफ नहीं है कि उनका अगला कदम क्या होगा. क्या वह साउथ अफ्रीका में खेलना चाहते हैं? अगर नहीं, तो वह इंग्लैंड में रह सकते हैं और वॉर्सेस्टरशर के साथ अपना काउंटी क्रिकेट जारी रख सकते हैं, लेकिन फिर इसके साथ ही साउथ अफ्रीका में खेलने की उनकी उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी.
कोई भी अनुमान न लगाए
हालांकि CSA ने सलाह दी है कि जब तक वे अपनी प्रक्रिया पूरी करके मामले की तह तक न पहुंच जाएं, तब तक कोई भी अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए. CSA के एक बयान में कहा गया कि ये मानक खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों, टीमों, ब्रॉडकास्टरों, प्रायोजकों और समर्थकों के लिए खेल की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए बुनियादी है.
इस बीच इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर और अब वॉरसेस्टरशर में क्रिकेट निदेशक एशले जाइल्स ने इस घटनाक्रम पर निराशा व्यक्त की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब काउंटी टीम इस मामले में कुछ नहीं कर सकती. CSA और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) स्वानपॉल के मामले पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं.
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