आईपीएल 2026 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन काफी चर्चा में हैं. दरअसल उनकी मालिकाना हक वाली सनराइजर्स फ्रेंचाइज ने द हंड्रेड लीग के ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 2.4 करोड़ रुपये में खरीदा. जिसके बाद SRH के बॉयकॉट की मांग उठने लगी. अब मारन के मालिकाना हक वाली सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विट्टोरी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने की वजह बताई. उन्होंने खुलासा किया कि अबरार को खरीदना उनकी मजबूरी थी.
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सनराइजर्स लीड्स के कोच विट्टोरी ने कहा है कि आदिल राशिद को न ले पाने के बाद टीम के लिए अबरार अहमद को चुनना जरूरी हो गया था और उन्हें एक विदेशी स्पिनर को चुनना पड़ा, भले ही एक पाकिस्तानी क्रिकेटर को साइन करने पर फ्रेंचाइज को सोशल मीडिया पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा.
अबरार को क्यों खरीदा?
सनराइजर्स लीड्स का ऑफिशियल X अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया गया है.टीम के मालिकों ने अभी तक इस विरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन कोच ने कहा कि यह फैसला ऑक्शन में मांग और सप्लाई को देखते हुए लिया गया था. जब राशिद उपलब्ध नहीं हो पाए, तो अहमद को टीम में शामिल करने की कोशिश की गई.
ऑक्शन के बाद विट्टोरी ने कहा कि जब हम आदिल राशिद (जिन्हें सदर्न ब्रेव ने ले लिया) को टीम में शामिल नहीं कर पाए, जो शुरू में हमारी पहली पसंद थे तो जाहिर है, हमने किसी विदेशी स्पिनर को लेने का फैसला किया. हमारी नजर चार-पांच खिलाड़ियों पर थी और अबरार उनमें से ही एक थे.
शैडो बैन की चर्चा
इससे पहले कुछ रिपोर्टों में ऐसी चर्चा थी कि 'द हंड्रेड' (The Hundred) में भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर एक तरह का 'शैडो बैन' (अघोषित प्रतिबंध) लगा हुआ है, लेकिन बाद में सभी आठ फ्रेंचाइज़ियों ने एक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह से उनकी योग्यता और क्रिकेटिंग स्किल्स के आधार पर ही किया जाएगा.
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