बीते दिनों टीम इंडिया की सेलेक्श कमिटी की मीटिंग हुई, जिसमें अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए टीम का चयन किया. इस मीटिंग से पहले माहौल काफी गहमागहमी भरा था. चयनकर्ता अगले साल साउथ अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए रोडमैप तैयार कर रहे थे. ऐसे में वह रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या की फिटनेस से जुड़ी समस्याओं को लेकर दुविधा में थे. हालांकि इन दोनों को अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए (फिटनेस की शर्त पर) चुन लिया गया, लेकिन BCCI को इस बात की आशंका है कि क्या वे 50 ओवर के फॉर्मेट में अपने बेहतरीन स्तर पर खेल पाएंगे या नहीं.
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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार ऐसा समझा जा रहा है कि जहां चयनकर्ता, टीम मैनेजमेंट और BCCI पंड्या के पूरी ताकत से 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता को लेकर चिंतित हैं. वहीं उन्हें रोहित के अगले साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप तक पूरी तरह फिट बने रहने को लेकर ज़्यादा आशंका है. चयनकर्ताओं ने रोहित की फिटनेस रिपोर्ट मांगी थी, क्योंकि हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण वे IPL में तीन सप्ताह तक नहीं खेल पाए थे.
रोहित को लेकर बोर्ड की चिंता
रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई सोर्स का कहना है कि रोहित ने उन तीन सप्ताह तक BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिपोर्ट नहीं किया. वह पतले हो गए हैं लेकिन इस बात की चिंता है कि उनका शरीर हाई-परफ़ॉर्मेंस स्पोर्ट का लोड उठा पाएगा या नहीं. उन्हें 50 ओवर फील्डिंग करनी है. वनडे क्रिकेट में IPL जैसा इम्पैक्ट प्लेयर का ऑप्शन नहीं है. जब आप 40 के इतने करीब होते हैं तो शरीर को ठीक होने में समय लगता है.
पंड्या के 10 ओवर गेंदबाजी करने को लेकर दुविधा में सेलेक्टर्स
सोर्स ने आगे कहा कि हार्दिक पंड्या को सिलेक्शन मीटिंग से 48 घंटे पहले तक फ़िटनेस की चिंताओं के बारे में नहीं बताया गया था. वह 2 मई से मुंबई इंडियंस के लिए नहीं खेले हैं. चेन्नई में मैच के बाद पंड्या ने पीठ में ऐंठन की शिकायत की थी, लेकिन उसके बाद से वह कोई मैच नहीं खेले. खबरों के मुताबिक वह रिलायंस की फैसिलिटी और वानखेड़े स्टेडियम में ट्रेनिंग कर रहे हैं. हालांकि वह टीम में वापस आ गए हैं, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि उन्हें अपनी फिटनेस कैसे साबित करनी होगी. सोर्स ने आगे कहा कि सेलेक्टर्स को बस इस बात की चिंता है कि वह 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं.
बैकअप ओपनर्स करने हैं तैयार
सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट रोहित की स्थिति को लेकर थोड़े परेशान हैं, क्योंकि उन्हें यशस्वी जायसवाल के अलावा कुछ और बैकअप ओपनर्स भी तैयार करने हैं. सोर्स ने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले ज़्यादा ODI मैच नहीं हैं. वैसे भी जायसवाल को अभी तक खेलने का ज़्यादा मौका नहीं मिला है. इशान को इसलिए चुना गया है ताकि वह ओपनर के तौर पर भी खेल सकें, लेकिन अगर रोहित वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाते हैं और शुभमन गिल या जायसवाल में से कोई चोटिल हो जाता है, तो टीम के पास एक और ओपनर तैयार होना चाहिए.
रेड्डी और राणा पर भरोसा
जहां तक हार्दिक की बात है. जनवरी के पहले हफ्ते में CoE ने उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज से पहले 10 ओवर गेंदबाजी करने की मंजूरी नहीं दी थी और इसलिए उन्हें ODI टीम में नहीं चुना गया था, क्योंकि सेलेक्टर्स उन्हें T20 वर्ल्ड कप के लिए बचाकर रखना चाहते थे. हालांकि इसके पांच दिन बाद ही उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के एक मैच में बड़ौदा के लिए 10 ओवर गेंदबाजी की थी. सेलेक्टर्स अब नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा पर भरोसा जता रहे हैं कि वे मीडियम-पेस गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका निभाएंगे.
रोहित और कोहली के भविष्य को अलग देखने की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार BCCI और टीम मैनेजमेंट अब रोहित और विराट कोहली के ODI भविष्य को एक साथ देखने वाली सोच से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. सोर्स का कहना है कि इस समय कोहली की फिटनेस और फॉर्म भारत के ज़्यादातर क्रिकेटरों से बेहतर है, लेकिन यह समझना होगा कि कोहली और रोहित को अब एक साथ नहीं देखा जा सकता. BCCI की मेडिकल टीम से सलाह लेने के बाद रोहित के बारे में एक पक्का फ़ैसला लेना होगा. इतना ही नहीं, 2025 ICC चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कप्तानी से हटाए जाने के बाद से रोहित अब पहले जैसी बेहद आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर रहे हैं. सोर्स का कहना है कि टीम मैनेजमेंट इस तरीके से पूरी तरह से सहमत नहीं है.
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