यशस्वी जायसवाल ने बड़ा कदम उठाते हुए 2 अप्रैल को मुंबई छोड़कर गोवा से खेलने का फैसला कर लिया. उन्होंने इस बारे में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से एनओसी मांगी थी जो उन्हें मिल गई. यशस्वी जायसवाल का इस बारे में कहना है कि मुंबई क्रिकेट ने उनके लिए जो कुछ किया उसके वे कर्जदार रहेंगे. उन्होंने कहा कि गोवा ने उनके सामने कप्तानी का प्रस्ताव रखा था और इसी वजह से हामी भरी. उत्तर प्रदेश के भदोही से आने वाले जायसवाल ने 2019 में मुंबई के लिए खेलना शुरू किया था. यहां पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए वे भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने थे.
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जायसवाल अभी आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल रहे हैं. उन्होंने मुंबई से गोवा स्विच करने के बारे में दी इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, मेरे लिए यह काफी मुश्किल फैसला था. मैं आज जो कुछ हूं वह मुंबई की वजह से ही है. इस शहर ने मुझे बनाया है और ताउम्र मैं एमसीए का कर्जदार रहूंगा.
जायसवाल ने क्यों गोवा को चुना
जायसवाल ने गोवा जाने के बारे में कहा,
गोवा ने मेरे सामने नई चुनौती पेश की और उसने नेतृत्व के रोल का प्रस्ताव रखा. मेरा पहला लक्ष्य भारत के लिए अच्छा करने का है और जब भी मैं नेशनल ड्यूटी पर नहीं रहूंगा तब मैं गोवा के लिए खेलूंगा और कोशिश करूंगा कि उन्हें टूर्नामेंट के आखिर तक लेकर जाऊं. यह मेरे लिए अहम अवसर था और मैंने इसके लिए हामी भर दी.
जायसवाल से पहले मुंबई के ये क्रिकेटर भी गए गोवा
अर्जुन तेंदुलकर और सिद्धेश लाड के बाद मुंबई को छोड़कर गोवा जाने वाले जायसवाल तीसरे क्रिकेटर हैं. तेंदुलकर और लाड 2022-23 सेशन में गोवा चले गए थे. लाड हालांकि पिछले सत्र में फिर से मुंबई लौट आए. जायसवाल ने जुलाई 2023 में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और अब तक 19 मैचों में 52 से अधिक की औसत से रन बना चुके हैं. वे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की ओर से सर्वोच्च स्कोरर थे.
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