EXPLAINER : भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले को लेकर बॉयकॉट का हंगामा जारी है. लेकिन अब इसमें बड़ी जानकारी मिली कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से बातचीत करके इसका हल निकालने की रिक्वेस्ट की है. इसके अलावा पाकिस्तान आईसीसी की नियमावली में शामिल फोर्स मेज्योर का इस्तेमाल करके अपने मंसूबे को अंजाम देना चाहता था लेकिन आईसीसी ने उसे लताड़ लगाई है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या है फोर्स मेज्योर और पाकिस्तान इसका कैसे इस्तेमाल करना चाहता है.
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क्या है फोर्स मेज्योर और कैसे ये सामने आया ?
आईसीसी के नियम की किताब में एक टर्म फोर्स मेज्योर शामिल है. इसका मतलब ये है कि कोई क्रिकेट बोर्ड मैच तो खेलना चाहता है लेकिन प्राकृतिक आपदा या फिर सरकार के दबाव में आकर वो दूसरी टीम के खिलाफ मैच नहीं खेलने को लेकर मजबूर है या फिर वो ऐसा चाह कर नहीं बल्कि मजबूरी में कर रहा है. इसमें लेकिन आमतौर पर प्राकृतिक आपदाएं (भूकंप, बाढ़), युद्ध, दंगे, महामारी (जैसे COVID-19), या सरकार के अचानक आए आदेश शामिल होते हैं. लेकिन इसमें घटना ऐसी होनी चाहिए, जिस काम को पूरा करना भौतिक रूप से असंभव हो.
फोर्स मेज्योर से पाकिस्तान को क्या है फायदा ?
अगर फोर्स मेज्योर के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान का मैच बॉयकॉट रहता है तो इससे पाकिस्तान को फायदा होता और उसका नेट रन रेट भी कम नहीं होगा बल्कि उसे मैच का एक अंक भी मिलेगा. लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को साबित करना होगा कि मैच न खेलना उनके "नियंत्रण से बाहर" (जैसे सरकार का स्पष्ट आदेश) है. इसके चलते वो जुर्माने से भी बच सकते हैं.
अब आईसीसी ने क्या कहा ?
आईसीसी ने पाकिस्तान से साफ तौरपर जवाब मांग है कि जब आप अंडर 19 वर्ल्ड कप का मैच खेला, राइजिंग स्टार्स और वीमेंस वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेल चुके हैं तो फिर सिर्फ इस टूर्नामेंट में बॉयकॉट की मांग करते हुए फोर्स मेज्योर का सहारा क्यों ले रहे हैं. आईसीसी के जवाब मांगने के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उससे बातचीत करके हल निकालने के लिए कदम बढ़ाया है.
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