T20 World Cup की ट्रॉफी बनाते समय बार-बार टूट रहा था कांच, डिजाइनर ने कर दिया था मना, जानें फिर कैसे मिली सफलता

2007 में वर्ल्ड कप ट्रॉफी की डिजाइन की रुपरेखा ऑस्ट्रेलिया की मिनाले ब्रायस कंपनी ने तैयार की थी. रूपरेखा तैयार होने के बाद इस ट्रॉफी को बनाने का काम आईसीसी ने जाने माने डिजाइनर अमित पाबूवाल को सौंपी.

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टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी चांदी और प्लेटिनम की प्लेट से बनी है. (PC: Getty)

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टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जयपुर के डिजाइनर अमित पाबूवाल ने बनाई थी.

टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी चांदी और प्लेटिनम की प्लेट से बनी है.

भारत और न्यूजीलैंड की टीम रविवार को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में उस ट्रॉफी को उठाने के लिए टकराएगी, जिसे बनाने से डिजाइन ने मना कर दिया था. भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला जाएगा और फाइनल जीतने वाली टीम चांदी से बनी चमचमाती ट्रॉफी उठाएगी. जयपुर में बनी टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जाने माने डिजाइनर अमित पाबूवाल ने डिजाइन किया था. पाबूबाल ने इस ट्रॉफी के डिजाइन के पीछे की दिलचस्प कहानी का खुलासा किया.

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पीटीआई के अनुसार पाबूवाल ने बताया कि 2007 में वर्ल्ड कप ट्रॉफी की डिजाइन की रुपरेखा ऑस्ट्रेलिया की मिनाले ब्रायस कंपनी ने तैयार की थी. रूपरेखा तैयार होने के बाद इस ट्रॉफी को बनाने का काम आईसीसी ने उन्हें सौंपा. उन्होंने क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी चांदी की फ्रेंडशिप कप ट्रॉफी बनाई. इस ट्रॉफी की दुनियाभर में चर्चा हुई. इसके बाद आईसीसी ने टी20 विश्व कप की ट्रॉफी बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि शुरुआत में आईसीसी ने ट्रॉफी बनाने के लिए दो विकल्पों पर विचार किया. या तो ट्रॉफी को वो तैयार करें या फिर प्रसिद्ध क्रिस्टल कंपनी स्वारोवस्की. आख‍िरकार आईसीसी ने उन्हें इस ट्रॉफी का डिजाइन तैयार कर बनाने के लिए चुना. 

कांच के हिस्से बार-बार टूटे

पाबूवाल ने बताया कि आईसीसी की योजना थी कि ट्रॉफी टाइटेनियम और कांच के संयोजन से बनें. इसमें कुछ हिस्से धातु के और कुछ हिस्से कांच के हों, जिससे कि टी20 क्रिकेट की तेज और आधुनिक शैली को द‍िखाया जा सके. पाबूवाल ने बताया कि इसके लिए कई डिजाइन तैयार किए गए,  लेकिन धातु संरचना के साथ जोड़ते समय कांच के हिस्से बार-बार टूट जाते थे. इन दोनों सामग्रियों को एक साथ जोड़ना तकनीकी रूप से बहुत कठिन साबित हुआ. काफी प्रयोगों के बाद उन्होंने आईसीसी को सलाह दी कि यह संयोजन तकनीकी रूप से ठीक नहीं है. ट्रॉफी बन नहीं पाएगी. 

दूसरी कंपनी भी फेल 

उन्होंने आगे कहा कि उस समय स्वारोवस्की कंपनी ने आईसीसी को आश्वासन दिया कि वे इस डिजाइन को सफलतापूर्वक बना सकते हैं. इसके बाद स्वारोवस्की कंपनी ने ट्रॉफी बनाने की कोश‍िश की, लेकिन वह भी फेल रहे. पाबूवाल ने बताया कि इसके बाद आईसीसी ने फिर से उनसे संपर्क किया. आईसीसी का कहना था कि इस ट्रॉफी का डिजाइन अन्य ट्रॉफी से अलग हो और दिखने में आधुनिक हो. इसके बाद ट्रॉफी के डिजाइन में सुधार के बाद चांदी से ट्रॉफी बनाई गई, जिस पर प्लेटिनम की परत चढ़ाई गई. इस तरह से ट्रॉफी टिकाऊ, आकर्षक और इंटरनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट के योग्य वर्ल्ड क्लास रूप में तैयार हुई. 

 

चांदी और प्लेटिनम की प्लेट से बनी ट्रॉफी


पाबूवाल ने बताया कि आईसीसी टी20 विश्व कप में जब कोई टीम खिताब जीतती है तो उसे असली ट्रॉफी नहीं दी जाती है बल्कि हूबहू कॉपी दी जाती है. असली ट्रॉफी आईसीसी के हेड ऑफिस में ही रखी जाती है. उन्होंने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की ऊंचाई 21 इंच है. यह चांदी और प्लेटिनम की प्लेट से बनी है. इसका वजन करीब छह किलो है. 

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