'मेरे लिए वर्ल्ड कप जितोगे?' से 'मुझ पर भरोसा है' तक, सूर्या-इशान में सेलेक्शन को लेकर हुई थी दिलचस्प बातचीत

इशान किशन 2024 से 2025 तक भारतीय टीम से बाहर रहे थे. लेकिन टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले वे वापसी करने में सफल रहे. घरेलू क्रिकेट में कमाल के खेल के साथ ही सूर्यकुमार यादव के साथ हुई बातचीत ने उनके लिए रास्ता खोला.

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इशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप में कमाल का खेल दिखाया. (Photo: Getty)

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इशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए 317 रन बनाए.

इशान किशन बोले कि वे समझ चुके हैं कि सेलेक्शन खिलाड़ी के हाथ में नहीं है.

इशान किशन 2023 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा थे. वे उस टूर्नामेंट में दो मैच खेले भी थे. लेकिन कुछ महीनों बाद भारतीय टीम से बाहर हो गए थे. अब 2026 में वे टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे. इस बीच लगभग दो साल तक वे बाहर रहे. उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले फिर से बुलाया गया. इशान किशन ने खिताब जीतने के बाद बताया कि सेलेक्शन को लेकर कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ उनकी क्या बात हुई थी. इस खिलाड़ी ने भारत के तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने में अहम भूमिका निभाई. वे टूर्नामेंट में भारत की ओर से दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे.

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किशन ने कहा कि टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में सेलेक्शन को लेकर उनके पास सूर्या का फोन आया था. तब दोनों में मजेदार बात हुई थी. किशन ने फाइनल के बाद कहा, 'कुछ महीने पहले जब सूर्यकुमार ने मुझे वर्ल्ड कप स्क्वॉड में सेलेक्शन के लिए फोन किया था तब उन्होंने मुझसे पूछा था- क्या तुम मेरे लिए वर्ल्ड कप जितोगे? मैंने उनसे कहा कि क्या आप मुझ पर भरोसा करते हैं. और उन्होंने कहा कि हां, मुझ पर भरोसा है.'

किशन को कोहली की मदद से समझ आय़ा सेलेक्शन का खेल

 

किशन ने कहा कि जब वह टीम से बाहर रहे तो उन्हें समझ आया कि सेलेक्शन खिलाड़ी के हाथ में नहीं है. इसलिए अपनी ऊर्जा को सुधार पर खर्च करना चाहिए. इस युवा ने कहा कि विराट कोहली को खेलते देखकर उन्हें यह सबक समझ आया. किशन ने बताया कि जब उनकी वापसी हुई तो दबाव था लेकिन वह नतीजे का नहीं था.

किशन बोले- टीम में नतीजे का डर नहीं था

 

झारखंड से आने वाले किशन ने कहा, 'जब मैं वापस इस टीम में आया तो मैंने देखा कि दबाव तो है लेकिन वह नतीजे के दबाव को लेकर कोई डर नहीं था. इसकी जगह आत्मविश्वास था. इसी वजह से जब टीम फिर से अहमदाबाद में खेलने पहुंची तो उस पर इतिहास का बोझ नहीं था. सब कड़ी मेहनत कर रहे थे और टीम का मनोबल काफी अच्छा था. इसका श्रेय मैं हेड कोच और कप्तान को देता हूं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि उन्होंने किस तरह से अभिषेक शर्मा के साथ बर्ताव किया. उन्होंने कभी उस पर संदेह नहीं किया और मैदान पर उसकी फॉर्म का असर टीम के माहौल पर नहीं पड़ने दिया.'

किशन ने झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताते हुए भारतीय टीम में वापसी की. उन्होंने इस दौरान काफी रन बनाए और टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले वापसी करने में सफल रहे.

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