टी20 वर्ल्ड कप के लिए जब टीम इंडिया का चयन किया गया था तो संजू सैमसन को फर्स्ट-चॉइस विकेटकीपर-बैटर और ओपनर के तौर पर शामिल किया गया था, लेकिन न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में सिर्फ 46 रन बनाने के बाद, उन्होंने T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की प्लेइंग XI में अपनी जगह खो दी. हालांकि अभिषेक शर्मा की बीमारी की वजह से सैमसन को 12 फरवरी को नामीबिया के ख़िलाफ दूसरे ग्रुप A मैच में खेलने का मौका मिला, लेकिन वह उस मौके का फ़ायदा नहीं उठा पाए और आठ गेंदों पर 22 रन बनाकर आउट हो गए.
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उस मैच के बाद माना जा रहा था कि सैमसन को टूर्नामेंट में फिर से खेलने का मौका नहीं मिलेगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें 26 फरवरी को चेन्नई में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ सुपर 8s मैच में एक और मौका दिया, और उन्होंने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाने में मदद की. चेन्नई में हुए मैच ने सैमसन की किस्मत बदल दी और उस मैच के बाद उन्होंने वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ 97, 89 और 89 रन बनाए.
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड
सैमसन ने लगातार तीन फिफ्टी लगाकर न सिर्फ भारत को T20 वर्ल्ड कप 2026 का टाइटल जिताने में मदद की, बल्कि उन्हें T20 वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज की लिस्ट में टॉप पर भी पहुंचाया. उन्होंने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड भी जीता. अब सैमसन का दिल में दबा दर्द बाहर आया. बीसीसीआई ने उनका एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपने वर्ल्ड कप अभियान के बारे में बात की.
भारत के लिए खेलने का टैलेंट
उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि उनमें भारत के लिए खेलने का टैलेंट है, लेकिन जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद उन्होंने सारी उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन फिर सच्ची दुआओं और इच्छाओं ने उनके लिए चीज़े बदल दीं, और वह अपना सपना पूरा करने में कामयाब रहे. सैमसन ने कहा कि
मुझे लगता है, यकीन नहीं होता, मैंने पहले ही कहा था कि मुझमें यह करने की काबिलियत है. मेरा सपना था कि मैं यह करूं, लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह ठीक इसी पल में हो जाएगा.
सैमसन के अनुसार जिस तरह से T20 वर्ल्ड कप में उनका कैंपेन आगे बढ़ा, उससे उन्हें एहसास हुआ कि कोई यह तो सोच सकता है कि वह क्या हासिल करना चाहता है, लेकिन उस तक पहुंचने का तरीका नहीं सोच सकता. उन्होंने कहा कि
सपना टूटता नजर आया
न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाद मुझे लगा कि मेरा सपना टूट गया है. मैं सच में यह करना चाहता था, इस वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलना चाहता था, लेकिन न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाद मुझे लगा कि मैंने अपने मौके का इस्तेमाल नहीं किया और सपना टूट गया, लेकिन मुझे लगता है कि दुनिया और ऊपर वाले की कृपा से चीजें बदल गईं और मैं बहुत खुश हूं कि यहां जो हुआ है.
संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में पांच मैचों में 199.37 की स्ट्राइक रेट और 80.25 की औसत से कुल 321 रन बनाए.
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