टीम इंडिया के लेजेंड्री क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने साल 2003 वर्ल्ड कप का अंत टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर के रूप में किया था. लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया रनरअप रही थी. सचिन तेंदुलकर ने इस टूर्नामेंट में नामीबिया के खिलाफ भी एक मैच खेला था जिसमें उन्होंने 152 रन की पारी खेली थी. लेकिन इस पारी का अंत रूडी वैन वुरेन ने किया था जिनका इंटरनेशनल करियर 1 महीने से भी कम का रहा है.
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कौन हैं रूडी वैन?
वैन वुरेन ने इस मैच में सचिन तेंदुलकर को सीधी गेंद डाली थी जिसपर वो क्लीन बोल्ड हो गए थे. इस बीच अब वुरेन फिर क्रिकेट से जुड़े हैं और फिलहाल वो नामीबिया के अध्यक्ष हैं. सचिन स्लॉग क्रॉस खेलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो आउट हो गए. वैन वुरेन ने आईसीसी से बातचीत में बड़ा खुलासा किया है और कहा कि, मुझे याद है उस मैच में क्या हुआ था. मुझे लगता है कि सचिन 140 रन पर खेल रहे थे. वो मुझे मारने की कोशिश कर रहे थे. मैं उस दौरान थक गया था और मेरी बॉल बिल्कुल धीमी हो गई और वो आउट हो गए.
मैंने सचिन के साथ फोटो ली थी
वैन वुरेन ने आगे कहा कि, मेरे लिए वो बड़ा विकेट था. अगर आपको तेंदुलकर का विकेट मिलता है तो ये बड़ा है. उस दौरान हमारे जो टीम मैनेजर थे उनसे मैंने कहा था कि क्या मैं सचिन के साथ फोटो ले सकता हूं. सचिन बाद में मिले मुझसे और हमने काफी बातचीत की. वो काफी विनम्र हैं.
मैच की बात करें तो इस मैच में भारत ने पहले बैटिंग की और 2 विकेट गंवा 311 रन बनाए. तेंदुलकर ने 152, सौरव गांगुली ने 112. लक्ष्य का पीछा करने के दौरान नामीबिया की टीम 130 रन पर ढेर हो गई. युवराज ने 4 विकेट लिए. वुरेन इसके बाद नामीबिया के लिए 2003 रग्बी वर्ल्ड कप भी खेले.
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