इस वीडियो में एक दिग्गज भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी द्वारा हाल ही में एक स्पोर्ट्स समिट के दौरान दिए गए बयानों पर चर्चा की गई है। खिलाड़ी ने अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद किया जब उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे। उन्होंने बताया कि उस समय टीम के मुख्य कोच और बल्लेबाजी कोच ने उन्हें मानसिक रूप से बहुत सपोर्ट किया, जिससे वे दोबारा अपने खेल का आनंद ले सके। इसके अलावा, उन्होंने वर्कलोड मैनेजमेंट के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि करियर के शुरुआती या मध्य दौर में खिलाड़ियों को वर्कलोड के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने टी20 क्रिकेट और लीग मैचों से मिलने वाले पैसे और शोहरत पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक क्रिकेट खेलना है, तो उसे खेल का सम्मान करना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि केवल छोटे फॉर्मेट की सफलता से लंबे समय तक नहीं टिका जा सकता।
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