नई दिल्ली। यूरोपीय देश यूक्रेन (Ukraine) पर हमला करने के चलते रूस को एक बड़ा झटका लगा है. यूरोपीय फुटबॉल की सबसे बड़ी संस्था यूएफा (UEFA) ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब उसने साल 2021-22 चैंपियंस लीग (Champions League final) के फाइनल मुकाबले का स्थान रूस के सेंटपीटर्सबर्ग (St. Petersburg) फुटबॉल मैदान से बदल दिया है. इस तरह युक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ने के चलते रूस की फुटबॉल संस्था को चैंपियंस लीग (Champions League final) जैसे बड़े टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले की मेजबानी गंवानी पड़ी है. जिसके चलते अब इस फाइनल की मेजबानी करने का सौभाग्य फ्रांस (Stade de France) के पेरिस शहर को प्राप्त हुआ है. यह फाइनल मुकाबला 28 मई को 80,000 सीटों वाले स्टेड डी फ्रांस स्टेडियम में खेला जाएगा.
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फ्रांस के राष्ट्रपति का जताया आभार
यूएफा ने बयान जारी करते हुए फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "यूएफा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को उनके व्यक्तिगत समर्थन और अद्वितीय संकट के समय में यूरोपीय क्लब फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित खेल को फ्रांस में स्थानांतरित करने की प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद और प्रशंसा व्यक्त करना चाहता है."
16 साल बाद मिली पेरिस को मेजबानी
गौरतलब है कि रूस और युक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते फ़्रांस को 16 साल बाद चैंपियंस लीग के फाइनल जैसे बड़े मुकाबले की मेजबानी मिली है. इससे पहले साल 2006 में पेरिस में हुए फाइनल में बार्सिलोना ने आर्सेनल को हराकर ख़िताब पर कब्जा जमाया था. 68 हजार फैंस वाले रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्टेडियम को साल 2019 में चैंपियंस लीग के साल 2021 फाइनल मुकाबले की मेजबानी मिली थी. जिसे कोरोना महामारी के चलते एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था.
पीएसजी और मेसी के फैंस की बढ़ी उम्मीदें
बता दें कि चैंपियंस लीग सिर्फ यूरोप का ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में से एक माना जाता है. जिसमें पूरे यूरोप के सभी देशों की लीग की टॉप टीमें भाग लेती हैं और अंत में फाइनल मुकाबला खेला जाता है. ऐसे में पेरिस को फाइनल की मेजबानी मिलने पर फुटबॉल स्टार लियोन मेसी के फैंस यही चाहेंगे कि फ़्रांस की टॉप टीम पेरिस सेंट जर्मन (पीएसजी) इस फाइनल में पहुंचे और पहली बार मेसी के साथ चैंपियंस लीग की ट्रॉफी पर घर में कब्जा जमाए.
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