भारत के खिलाफ ओमान में 'फाइव-ए-साइड' इंटरनेशनल मैच के दौरान पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के सामने अपना ही मजाक बना लिया. एफआईएच यूथ हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप में तय पांच खिलाड़ियों की जगह छह खिलाड़ियों को मैदान पर उतारने के कारण पाकिस्तान की हॉकी टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे. मामला मैच शुरू होने के कुछ ही देर बाद हुई, जब अंपायरों ने देखा कि पाकिस्तान के छह खिलाड़ी मैदान पर थे. फाइव-ए-साइड फ़ॉर्मेट के नियमों के अनुसार सिर्फ पांच खिलाड़ियों को ही खेलने की इजाजत होती है.
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अंपायरों ने तुरंत पाकिस्तान को सजा देते हुए दो खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भेज दिया, जिससे टीम के सिर्फ तीन खिलाड़ी ही मैदान पर रह गए. भारत ने खिलाड़ियों की ज़्यादा संख्या का पूरा फा यदा उठाया और अपने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-3 से हरा दिया.
कोचिंग स्टाफ की बात ठीक से समझ नहीं पाए खिलाड़ी
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अंतरिम अध्यक्ष इस घटना के बारे में जानकर नाराज थे और उन्होंने टीम मैनेजमेंट से सफाई मांगी है. टीम मैनेजमेंट में चीफ कोच ताहिर ज़मान और कोच रेहान बट, कमर इब्राहिम और उमर भुट्टा शामिल हैं.रिपोर्ट के मुताबिक मैनेजमेंट ने फेडरेशन को बताया है कि यह कन्फ़्यूजन इसलिए हुआ, क्योंकि कुछ खिलाड़ी कोचिंग स्टाफ की बात ठीक से समझ नहीं पाए थे.
पाकिस्तान पहले भी कर चुका है ऐसा ब्लंडर
ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान को किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा हो.जकार्ता में हुए 2022 मेन्स हॉकी एशिया कप के दौरान जापान के ख़िलाफ क्वालिफ़िकेशन मैच में पाकिस्तान ने ऐसी ही गलती की थी. मैच के आखिर में किए गए उनके बराबरी के गोल को अंपायरों ने अमान्य करार दिया, क्योंकि उन्हें पता चला कि मैदान पर तय 11 खिलाड़ियों के बजाय पाकिस्तान के 12 खिलाड़ी मौजूद थे.
उस नतीजे की वजह से पाकिस्तान 2023 हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाया और फिर पाकिस्तान हॉकी फ़ेडरेशन ने हेड कोच ख्वाजा जुनैद पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया. बाद में यह प्रतिबंध हटा लिया गया और जुनैद अब सीनियर टीम मैनेजमेंट का हिस्सा बनकर वापस आ गए हैं. भारत और पाकिस्तान की टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल में भी आमने सामने हुई, जहां भारतीय टीम एक बार फिर हावी रही और पाकिस्तान को 3-1 से हराकर खिताब जीता.
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