20 साल की भारतीय बैडमिंटन ख‍िलाड़ी ने जीता अपने करियर का सबसे बड़ा ख‍िताब, मलेश‍ियाई स्टार के बीच मैच से हटने के बाद बनी चैंपियन

मलेशिया की गोह जिन वेई के मैच के बीच से हट जाने के बाद 20 साल की शटलर देविका सिहाग ने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीता.

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ट्रॉफी के साथ देविका सिहाग (PC: BAI Medai)

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देविका सिहाग ने सुपर 300 लेवल पर अपना पहला टूर्नामेंट टाइटल जीता.

मलेशिया की गोह जिन वेई बीच मैच हट गई थी.

पंजाब के हांसी की 20 साल की शटलर देविका सिहाग ने सुपर 300 लेवल पर अपना पहला टूर्नामेंट टाइटल जीत लिया है. उन्होंने 250,000 डॉलर इनामी थाईलैंड मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में मलेशिया की गोह जिन वेई के मैच के बीच से हट जाने के बाद अपना पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 खिताब जीता. 5 फुट 9 इंच लंबी देविका अपने इस अभ‍ियान में एक भी सेट नहीं हारी.  फाइनल में पहुंचने के रास्ते में टॉप सीड सुपानिडा कैथोंग सहित दो सीडेड खिलाड़ियों को हराया.

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पूरे हफ्ते तीन सेट वाले चार मैच खेलने वाली गोह जिन वेई फाइनल में साफ तौर पर संघर्ष कर रही थीं. उनके खिलाफ देविका को ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी, जब उनकी विरोधी 21-8, 6-3 से पीछे थीं, तब उन्होंने मैच छोड़ दिया और देविका जीत गईं. 

हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण मुकाबले से हटने का फैसला


हरियाणा की रहने वाली देविका मलेशियाई ख‍िलाड़ी के फाइनल से हटने के वक्त 21-8, 6-3 से आगे चल रही थी. उस वक्त विश्व में 68वें नंबर की खिलाड़ी और दो बार की विश्व जूनियर चैंपियन गोह ने हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण मुकाबले से हटने का फैसला किया. इससे भारतीय खिलाड़ी अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीतने में सफल रही. 

सिंधु के साथ खेल को निखार रही हैं देविका

विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज देविका बेंगलुरु के पादुकोण-द्रविड़ सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में कोच उमेंद्र राणा की कोचिंग में ट्रेनिंग करती हैं. इसके साथ ही वह इंडोनेशिया के रहने वाले कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा की देखरेख में दो बार की ओलिंप‍िक मेडलिस्ट पीवी सिंधु के साथ अपने खेल को निखार रही हैं. 

देविका का प्रदर्शन

देविका ने पिछले कुछ समय से शानदार खेल का प्रदर्शन किया है. उन्होंने अगस्त 2025 में मलेशिया इंटरनेशनल में अपना पहला इंटरनेशनल खिताब जीता था. इसके बाद उन्होंने 2025 में विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भारत की मिश्रित टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया. वह पिछले सत्र में इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 100 में उपविजेता रही थी जबकि 2024 में चार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी. इनमें स्वीडिश ओपन और पुर्तगाल इंटरनेशनल भी शामिल हैं, जहां वह विजेता रही थी. उन्होंने एस्टोनियन इंटरनेशनल और डच इंटरनेशनल में दूसरा स्थान हासिल किया था. 

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