चैकिया की लिंडा नोस्कोवा विंबलडन 2026 की महिला एकल की विजेता बन गई. उन्होंने हमवतन कैरोलिना मुचोवा को तीन सेट तक चले मुकाबले में मात दी. नोस्कोवा ने 6-2, 5-7, 6-3 से फाइनल जीता और पहली बार ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया. मुचोवा और नोस्कोवा दोनों ही पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई थी. दोनों के पास ही इससे पहले कोई ग्रैंडस्लैम खिताब नहीं जीता था. दिलचस्प बात है कि ये दोनों पेरिस ओलिंपिक 2024 में साथ में खेली थी और महिला डबल्स में चौथे नंबर पर रही थी.
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21 साल की नोस्कोवा पिछले साल में चैकिया की तीसरी महिला हैं जिन्होंने विंबलडन में खिताब जीता है. उनसे पहले 2023 में मार्केटा वोंड्रुसोवा व 2024 में बारबोरा क्रेजिकोवा ने विंबलडन में महिला एकल का खिताब जीता था.
नोस्कोवा व मुचोवा के बीच हुए फाइनल को देखने के लिए चैकिया की पेट्रा क्विटोवा और मार्टिना नवरातिलोवा भी मौजूद रहीं. क्विटोवा ने 2011 व 2014 में यहां खिताब जीता था. नवरातिलोवा के नाम नौ विंबलडन खिताब हैं.
नोस्कोवा ने पहला सेट बड़े आराम से 6-2 से अपने नाम किया. दूसरे में वह एक समय 5-2 से आगे चल रही थी और खिताब के करीब थी. लेकिन उन्होंने लगातार पांच गेम गंवा दिए जिससे मुकाबला तीसरे सेट में गया. लेकिन इसमें उन्होंने अपनी साथी को मौका नहीं दिया और 6-3 से जीत हासिल की.
नोस्कोवा का घास पर इस सीजन का दूसरा खिताब
नोस्कोवा ने इस सीजन घास के मैदान पर दूसरा खिताब जीता. तीन सप्ताह पहले उन्होंने जेसिका पेगुला को हराकर बर्लिन ओपन जीता था. नोस्कोवा को इस जीत के साथ रैंकिंग में भी फायदा होगा. वह अब नंबर सात हो जाएंगी. यह करियर की उनकी सर्वोच्च रैंक होगी. नोस्कोवा 2011 के बाद सबसे कम उम्र में विंबलडन जीतने वाली महिला हैं. 2011 में क्विटोवा ने भी 21 की उम्र में खिताब जीता था. वहीं इस साल लगातार दूसरा ग्रैंडस्लैम किसी महिला ने 21 या इससे कम की उम्र में जीता है. पिछले महीने मीरा एंड्रीवा ने 19 की उम्र में फ्रेंच ओपन जीता.
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