रूस की मीरा एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन 2026 का महिला एकल खिताब जीत लिया. उन्होंने पोलैंड की माया ख्वालिंस्का को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से मात दी. 19 साल की मीरा ने पहली बार कोई ग्रैंड स्लैम जीता है. आठवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने दमदार खेल दिखाया जिसका क्वालिफायर ख्वालिंस्का के पास कोई जवाब नहीं था. एंड्रीवा ने एक घंटे 22 मिनट में खिताबी मुकाबला अपने नाम किया. एंड्रीवा 2020 में इगा स्वियाटेक के विजेता बनने के बाद पहली किशोरी है जिन्होंने यह खिताब जीता है.
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इस सफलता के साथ एंड्रीवा पिछले 34 साल में सबसे कम उम्र में फ्रेंच ओपन में महिला एकल खिताब जीतने वाली खिलाड़ी बन गई. आखिरी बार ऐसा 1992 में मोनिका सेलेस ने किया था. उन्होंने 18 की उम्र में यह खिताब जीता था. एंड्रीवा चौथी बार फ्रेंच ओपन खेलने उतरी थी. उनका यह कुल मिलाकर छठा खिताब है. साथ ही इस सीजन सबसे ज्यादा 36 जीत दर्ज की है.
एंड्रीवा को पहले फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में मिली थी हार
एंड्रीवा ने 2023 में क्वालिफायर के रास्ते फ्रेंच ओपन में हिस्सा लिया था. 2025 में वह सेमीफाइनल तक पहुंची थी. तब उन्हें जेस्मिन पाओलिनी ने हरा दिया था. उन्होंने साल 2025 में दुबई व इंडियन वेल्स में डब्ल्यूटीए 1000 खिताब जीता था लेकिन ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पा रही थी.
ख्वालिंस्का फाइनल में नहीं कर सकी कमाल
वहीं ख्वालिंस्का का सुनहरा सफर खिताबी मुकाबले में हार के साथ खत्म हुआ. उन्होंने क्वालिफायर से शुरुआत की थी. फाइनल तक के सफर में उन्होंने चार टॉप-50 खिलाड़ियों को मात दी. 114वीं रैंक की खिलाड़ी ने फाइनल से पहले तक अपने खेल से सबको हैरान किया. उन्होंने रणनीतिक चातुर्य और निडरता से विरोधियों को धूल चटाई. लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं कर सकी.
ख्वालिंस्का 1968 में टेनिस के प्रोफेशनल बनने के बाद से दूसरी ही महिला खिलाड़ी रही जो ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंची. उनसे पहले ऐसा 2021 में ब्रिटेन की एम्मा राडुकानु ने किया था और उन्होंने खिताब भी जीता था.
माया ख्वालिंस्का बनी फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर
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