1982, 2002 और अब 2026, Asian games में भारत का गोल्फ में तीसरा व्यक्तिगत गोल्ड, पहली बार भारतीय महिला गोल्फर बनीं चैंप‍ियन

किरण सिंह

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ऐतिहासिक गोल्ड का जश्न मनाती प्रणवी उर्स (PC: Getty)
ऐतिहासिक गोल्ड का जश्न मनाती प्रणवी उर्स (PC: Getty)

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प्रणवी उर्स ने एश‍ियन गेम्स में गोल्ड जीता.

एश‍ियन गेम्स में भारत को तीसरा गोल्ड मिला.

भारत का गोल्फ में एश‍ियन गेम्स 2026 में मेडल और वो भी गोल्ड जीतने का लंबा इंतजार खत्म हो गया है और भारत के इस इंतजार को खत्म किया है 23 साल की प्रणवी उर्स ने, जो एश‍ियाड में गोल्ड जीतने वाली इतिहास की पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं. ओवरऑल वह एश‍ियन गेम्स के इतिहास में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय गोल्फर हैं. प्रणवी का मेडल 2002 में शिव कपूर के पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने के बाद भारत का पहला गोल्ड मेडल था. मैसूर की रहने वाली 23 साल की प्रणवी ने तीसरे होल पर खराब ट्रिपल बोगी से उबरते हुए तीन बर्डी लगाईं.इस ट्रिपल बोगी की वजह से उनकी तीन-स्ट्रोक की बढ़त खत्म हो गई थी जो उन्हें पिछले दिन के खेल के बाद मिली थी. आखिरी राउंड में 'ईवन-पार 70' के स्कोर के साथ उन्होंने चार दिनों में कुल '15-अंडर 265' का स्कोर हासिल किया और बाकी खिलाड़ियों से एक स्ट्रोक आगे रहीं.अदिति अशोक (आखिरी राउंड में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी राउंड में 77) के साथ मिलकर भारत को टीम ऐतिहास‍िक सिल्वर मेडल दिलाने में भी उनके प्रदर्शन ने अहम भूमिका निभाई.टीम मेडल तय करने के लिए दो सबसे अच्छे स्कोर को ध्यान में रखा जाता है और भारत का स्कोर 14-अंडर 546 रहा, जो गोल्ड जीतने वाले चीन (22-अंडर 538) से काफी पीछे था.


टीम इवेंट

1982- अमित लूथरा, राजीव, ऋषि नारायण और लक्ष्मण सिंह, गोल्ड
2006- गगनजीत भुल्लर, जोसेफ चकोला, चिराग कुमार, अनिर्बान लाहिड़ी, स‍िल्वर
2010- राहुल बजाज, अभिजीत सिंह चड्ढा, राशिद खान, अभिनव लोहान, सिल्वर


भारत के लिए सबसे शानदार एडिशन 

1982 में जब भारत की राजधानी नई दिल्ली में एशियन गेम्स आयोजित किए गए थे, तब पहली बार गोल्फ को इन खेलों में शामिल किया गया था और उस एडिशन में गोल्फ में भारत का अब तक का सबसे बेस्ट प्रदर्शन रहा था.  भारत गोल्फ में बेस्ट नेशन रहा था.  गोल्फ के डेब्यू एडिशन में भारत ने व्यक्तिगत और टीम दोनों का गोल्ड जीता था. दो गोल्ड, एक सिल्वर समेत कुल तीन मेडल जीतकर भारत गोल्फ में टॉप पर रहा था, मगर इसके बाद गोल्फ में साउथ कोरिया ने अपना दबदबा बनाया और उसे चाइनीत ताइपे से टक्कर मिली. साउथ कोर‍िया पांच बार गोल्फ में सर्वश्रेष्ठ देश रहा, जबकि चाइनीज ताइपे तीन बार बेस्ट नेशन रहा.  फिलिपींस और थाईलैंड भी एक एक बार बेस्ट नेशन रहे.  एश‍ियन गेम्स में महिला गोल्फ पहली बार 1990 एडिशन में शामिल हुआ था और महिला गोल्फ में भी साउथ कोर‍िया का दबदबा रहा. अब 2026 में जाकर भारत को महिला गोल्फ में गोल्डन जीत मिली. 

जीत का नहीं चला पता


भारतीय गोल्फर प्रणवी गेम में इतनी खोई हुई थीं कि उन्हें पता ही नहीं चला कि उन्होंने जीत के लिए काफी अच्छा खेला है या उन्हें प्लेऑफ़ में जाना होगा.जब सिंगापुर की शैनन टैन ने उन्हें बधाई दी, तब उन्हें असलियत का एहसास हुआ.प्रणवी ने कहा कि सच कहूं तो जब तक शैनन ने 'वेल डन' नहीं कहा, उन्हें पता ही नहीं था कि वह जीत गई हैं. उन्हें  बस इतना पता था कि या तो जीतना है या प्लेऑफ में जाना है. हालांकि कोई प्लेऑफ नहीं हुआ. इसके बजाय वह गोल्फ में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच गईं.

कपिल देव ने की तारीफ


DP वर्ल्ड PGTI के प्रेसिडेंट और भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने प्रणवी उर्स की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्रणवी का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल और महिला टीम का सिल्वर मेडल जीतना भारत और भारतीय गोल्फ़ के लिए बहुत गर्व के पल हैं. उन्होंने आगे कहा कि ये मेडल खिलाड़ियों के टैलेंट, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ-साथ देश में महिला गोल्फ़ की बढ़ती ताकत को भी दिखाते हैं. 

भारत का 18वां गोल्ड 

 प्रणवी का गोल्फ में गोल्ड भारत का इस एश‍ियन गेम्स का 18वां गोल्ड है. यानी भारत के अब 18 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज कुल 80 मेडल हो गए हैं. और मेडल टैली में 5वें स्थान पर पहुंच गया हैं. भारत से आगे उज़्बेकिस्तान 20 गोल्ड, 23 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज समेत कुल 65 मेडल के साथ चौथे स्थान पर हैं. यानी भारत के पास अभी भी टॉप चार में आने का मौका है.  चीन मेडल टैली में टॉप पर है. वह 300 मेडल के आंकड़े को पार कर चुका है, दूसरे नंबर पर जापान है, जो 250 मेडल तक पहुंचने वाला है. साउथ कोर‍िया 141 मेडल के साथ चौथे नंबर है. 

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