जबरदस्त फॉर्म में चल रही भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है.टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल का 44 साल का इंतजार खत्म करने की उम्मीद जगा दी है.भारत के लिए इशिका चौधरी (44वें मिनट) और कप्तान सलीमा टेटे (48वें मिनट) ने गोल किए.भारत अब एशियन गेम्स में महिला हॉकी का अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीतने से बस एक जीत दूर है.इससे पहले भारत ने 1982 के नई दिल्ली खेलों में गोल्ड मेडल जीता था.फाइनल में भारत का मुक़ाबला मौजूदा चैंपियन चीन से होगा. फाइनल में चीन को हराने का मतलब होगा कि भारतीय महिला टीम 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक का भी टिकट हासिल कर लेगी.
कोरिया का दबदबा खत्म
सेमीफाइनल मुकाबले की बात करें तो साउथ कोरिया ने अपनी पूरी ताकत लगाकर सिर्फ डिफ़ेंस किया, लेकिन यह उस टीम से बिल्कुल अलग है जो कभी एशियन गेम्स में दबदबा रखती थी. साउथ कोरिया ने 1986 से 1998 के बीच लगातार चार गोल्ड मेडल जीते थे और 2014 में पांचवां गोल्ड मेडल जीता था. ग्रुप चरण में सारे मैच जीतकर अजेय रही भारतीय टीम को पिछली बार की रजत पदक विजेता कोरिया के डिफेंडरों ने बांधे रखा और मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका. भारत ने पहले दो क्वार्टर में आठ पेनल्टी कॉर्नर बनाये लेकिन गोल नहीं हो सका.
चट्टान की तरह अडिग रहा भारतीय डिफेंस
भारत का पहला गोल 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार वैरिएशन के जरिये दीपिका ने किया. दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर सीधे फ्लिक नहीं लगाते हुए गेंद इंजेक्टर इशिका को सौंपी, जिसने डिफ्लैक्शन पर स्कोर करके कोरियाई डिफेंस को चौका दिया. चार मिनट बाद दाहिने ओर से अकेले गेंद लेकर कोरियाई सर्कल में पहुंची कप्तान सलीमा ने बेहतरीन फील्ड गोल दागा. भारत को 57वें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर भी बेकार गया, जिस पर दीपिका गोल नहीं कर पाई . मैच के आखिरी पलों में कोरिया को लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा.




