भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतते हुए देश का 44 सालों को लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया. शनिवार को पुरुषों के मैराथन फाइनल में सावन ने अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर सिल्वर जीता, इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है. भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियन गेम्स में जीता था. सेना के 28 साल के खिलाड़ी सावन ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42.195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की.
कौन हैं सावन बरवाल?
बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया. अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है.घर के पास एक ट्रैक को देखने के बाद बरवाल की दौड़ में रूचि जगी. उनके बड़े भाई भी स्कूल की ट्रैक टीम में थे.
बरवाल ने 14 साल की उम्र में 1500 मीटर की तैयारी शुरू की. उन्होंने अंडर 18 एज कैटेगरी में 2015 में 3000 मीटर रेस में भाग लिया. सीनियर स्तर पर उनकी पहली रेस 2021 में 5000 मीटर की थी. उन्होंने देहरादून में 2025 नेशनल खेलों में 5000 और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था. वह 2019 में खेल कोटे से अपने भाई के साथ सेना में शामिल हुए. भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे.




