एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला मेडल पक्का हो गया है और यह मेडल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में आया है. सुचिका तरियाल ने एशियन गेम्स में महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किग्रा कैटेगरी के सेमीफाइनल में जगह बना ली है.उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराया.
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सुचिका का मजबूत डिफेंस
बैगलमा दूसरे और आखिरी राउंड में आक्रामक अंदाज में उतरीं और मुक़ाबले का पासा पलटने की कोशिश की, लेकिन लगातार दबाव के बावजूद सुचिका का डिफ़ेंस मजबूत बना रहा. जैसे-जैसे बैगलमा ने हमले जारी रखे, सुचिका ने एक अहम दांव (रिवर्सल) खेला और अपनी प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिरा दिया. उन्होंने राउंड के अंत तक अपना कंट्रोल बनाए रखा और जीत पक्की करने के लिए काफ़ी अच्छा प्रदर्शन किया.
MMA उन छह खेलों में से एक है जो एशियाई खेलों में पहली बार शामिल हो रहे हैं. इनके साथ फ्रीस्टाइल BMX, टेकबॉल, पैडल, सर्फिंग और वर्चुअल ताइक्वांडो भी शामिल हैं. 36 साल की सुचिका फा इनल में जगह बनाने के लिए सिंगापुर की हुई हून टेओ या ईरान की अरेज़ू सलीमीघलेहताकी से मुक़ाबला करेंगी.
सुचिका का सफर
सुचिका की हालिया कामयाबी उनके अनोखे कॉम्बैट स्पोर्ट्स सफ़र में एक और अध्याय जोड़ती है, जिसमें उन्होंने कई तरह के खेलों में हिस्सा लिया है. 2023 एशियन गेम्स में कुराश में हिस्सा लेने से पहले उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. 2024 में वह जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियन भी बनीं.कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स से दूर होने के बाद दोस्तों के कहने पर तारियाल ने वापसी की. उन्होंने MMA को चुना और अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू किया.इस सफर में घुटने की चोट जैसी कई चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने भारत की एशियन गेम्स टीम में अपनी जगह बनाई और अब इतिहास रच दिया.




