भारत की MMA फाइटर सुचिका तरियाल ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन हरियाणा की रहने वाली 36 साल की सुचिका इस मेडल से संतुष्ट नहीं हैं.उन्हें विवादित तरीके से सेमीफाइनल गंवाने का दुख काफी ज्यादा है. वह फाइनल में जगह ना बनाने से इतनी ज्यादा निराश हैं कि उन्होंने सिंगापुर की अपनी प्रतिद्वंद्वी हुई हून टेओ से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया. सेमीफाइनल मुकाबला खत्म होने के बाद पहले तो उन्होंने रिंग रेफरी के पास जाकर विजेता का हाथ ऊपर करवाने से मना कर दिया.बाद में कोच के समझाने पर वह वहां गई, मगर जब तक रेफरी ने उनकी प्रतिद्वंद्वी का हाथ ऊपर उठा दिया था.
फैसले का विरोध
हालांकि शुरुआत में रेफरी ने सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया, जिससे भारतीय खेमे को निराशा हुई. बाद में भारतीय खेमे ने इस फैसले का विरोध किया, जिसके बाद मुकाबले को ड्रॉ घोषित कर दिया गया. इसके बाद विजेता का फैसला मुकाबले की सुबह हुए 'वे-इन' (वजन की जांच) के दौरान खिलाड़ियों के वजन के आधार पर किया गया. यह बिल्कुल वैसा ही था, जैसे 2019 के पुरुष क्रिकेट विश्व कप का फैसला 'बाउंड्री काउंट' नियम से हुआ था.सुचिका का वजन अपनी प्रतिद्वंद्वी से 700 ग्राम ज़्यादा था, इसलिए सिंगापुर की खिलाड़ी फाइनल में पहुंच गई और भारतीय खिलाड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा.
एमएमए खेल महासंघ के अध्यक्ष निखिल कुंडे ने पीटीआई को बताया कि भारतीय के चुनौती देने के बाद मुकाबले का परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद सुबह के वजन के आधार पर विजेता का फैसला किया गया. निराशा के बावजूद यह ब्रॉन्ज मेडल एशियन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला मेडल है.




