पीवी सिंधु की अगुआई वाली भारतीय टीम का महिला टीम बैडमिंटन में मेडल जीतने का सपना टूट गया है. क्वार्टर-फाइनल में भारत को मेजबान जापान से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे भारत का अभियान निराशाजनक रूप से समाप्त हो गया. भारतीय महिला शटलर 2014 में जीते ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल जीतने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. मेजबान टीम ने जबरदस्त दर्शकों के समर्थन के साथ भारत को बुरी तरह हरा दिया.
ट्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने जीता मैच
जापान ने 20 साल की टोमोका मियाज़ाकी की उन्नति हुड्डा पर 21-16, 21-18 से आसान जीत के साथ बढ़त को 2-0 कर दिया. हालांकि ट्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने भारतीय खेमे में फिर से उम्मीद जगाई. पिछले महीने यहां वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पूरे आत्मविश्वास से भरी भारतीय जोड़ी ने वर्ल्ड नंबर 3 युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को हराया. जहां युकी तीन बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट (सायाका हिरोटा के साथ) हैं, वहीं मायु दो बार की वर्ल्ड चैंपियन (वकाना नागाहारा के साथ) हैं. अपने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद जापानी जोड़ी ट्रिसा और गायत्री के सामने टिक नहीं पाई्. दुनिया की 26वें नंबर की इस जोड़ी ने 52 मिनट में 21-17, 21-16 से जीत हासिल कर अपनी टीम को उम्मीद दिलाई.
अगले मुकाबले में तन्वी शर्मा पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोज़ोमी ओकुहारा का मुकाबला नहीं कर सकीं. ओकुहारा ने 18 मिनट में 21-12, 21-10 से जीत दर्ज की और जापान को 3-1 से जीत दिलाने में मदद की.सेमीफाइनल में जापान का मुकाबला साउथ कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा.
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