Asian Games : अंतिम दिन जड़ा 'गोल्डन पंच', जानें किस-किस खेल में बरसा सोना और कौन से स्थान पर भारत ने फिनिश किया ?

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टीम इंडिया के खिलाड़ी
टीम इंडिया के खिलाड़ी

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भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल जीते

अंतिम दिन भारत ने पांच गोल्ड सहित कुल नौ मेडल जीते

Asian Games Wrapup: एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत ने कुल 506 एथलीटों का दल भेजा था. इसमें सबसे पहले गोल्ड भारत को महिला क्रिकेट टीम ने दिलाया. इसके बाद अंतिम दिन भारत की मेंस क्रिकेट टीम के साथ मेंस हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. भारत का प्रदर्शन शुरुआती दिनों में कुछ खास नहीं जा रहा था. लेकिन जैसे ही हॉकी और क्रिकेट सहित बॉक्सिंग व रेसलिंग के मुकाबले शुरू हुए, तो गोल्ड मेडल की बरसात हो गई. भारत ने दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन छह गोल्ड मेडल जीते. इसके बाद अंतिम दिन यानी तीन अक्टूबर को भारत ने पांच गोल्ड मेडल का गोल्डन पंच जड़ा. इसमें गोल्फ के खेल में पहली बार सोना आना इस एशियन गेम्स के सबसे सुनहरे पलों में से एक भी है. अब चलिए जानते हैं कि भारत ने अंतिम दिन कौन-कौन से खेल में मेडल जीते और उसने किस स्थान के साथ टूर्नामेंट को फिनिश किया.

भारत के कितने गोल्फर्स गए थे एशियन गेम्स में?

भारत के कुल मिलाकर छह गोल्फर्स एशियन गेम्स में भाग लेने गए थे, जिसमें तीन महिला खिलाड़ी और तीन पुरुष खिलाड़ी शामिल थे. मेंस में युवराज संधु, वीर अहलावत और सप्तक तलवार मेडल नहीं जीत सके. वहीं महिलाओं में अदिति अशोक और दीक्षा डागर तो नहीं जीत सकीं, लेकिन प्रणवी ने गोल्ड मेडल हासिल करके कमाल कर दिया.

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गोल्फ एशियन गेम्स में कब शामिल किया गया?

गोल्फ को एशियन गेम्स के इतिहास में देखा जाए तो साल 1982 में शामिल किया गया था. राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह दूसरा एडिशन था. इसमें भारत के गोल्फर लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था. राजीव मेहता ने सिल्वर मेडल और मेंस टीम (लक्ष्मण सिंह, ऋषि नारायण, अमित लुथरा और राजीव मोहन) ने गोल्ड मेडल जीता था. जिसके बाद अब किसी भारतीय महिला ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है.

दो पहलवानों ने जीता गोल्ड मेडल

तीरंदाजी और गोल्फ के बाद रेसलिंग में अमन सहरावत ने गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा लहरा दिया. अमन ने मेंस फ्रीस्टाइल की 57 किग्रा कैटेगरी में गोल्डन दांव लगाया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. अमन से पहले अन्य पहलवान सुजीत ने पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में जीत दर्ज करके दो अक्टूबर को गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इस तरह 5 पुरुष पहलवान जो एशियन गेम्स के लिए जापान गए थे, उनमें से दो अब गोल्ड मेडल लेकर वापस लौटेंगे. वहीं 6 महिला पहलवानों में कोई भी गोल्ड मेडल हासिल नहीं कर सकी. सिर्फ अंतिम पंघाल ही सिल्वर जीत सकीं.

भारत ने दो सिल्वर और दो कांस्य भी जीते

भारत ने तीन अक्टूबर के दिन पांच गोल्ड मेडल के अलावा रेसलिंग में अंतिम पंघाल के प्रदर्शन से सिल्वर मेडल जीता. अंतिम ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में सिल्वर अपने नाम किया. उनके अलावा गोल्फ में महिलाओं की तिकड़ी (प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर) ने टीम स्पर्धा का सिल्वर जीता. सिल्वर के अलावा दो कांस्य पदक भारत के खाते में आए. पहलवान दीपक ने 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, तो तीरंदाजी में नीरज चौहान ने व्यक्तिगत रिकर्व मुकाबले में कांस्य पदक जीता. जिससे भारत ने अंतिम दिन पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो कांस्य सहित कुल नौ मेडल अपने नाम किए.

एशियन गेम्स के इतिहास में इस बार भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?

भारत ने अब 19 सितंबर से जारी एशियन गेम्स के अंतिम दिन तक जमकर मेडल अपने नाम किए. लेकिन मेडल का शतक नहीं लग सका. भारत ने कुल 85 मेडल अपने नाम किए. इसमें 21 गोल्ड मेडल, 27 सिल्वर मेडल और 37 कांस्य पदक शामिल हैं. जो कि भारत के एक एशियन गेम्स में जीते गए अब तक के दूसरे सबसे अधिक मेडल हैं. 2022 के एशियन गेम्स में भारत ने 106 मेडल जीते थे और इसके बाद अब 85 मेडल दूसरे स्थान पर है. इतना ही नहीं, पिछले एशियन गेम्स में भारत चौथे स्थान पर था, तो इस बार भी उसी स्थान पर भारत विराजमान है. भारत ने बेस्ट प्रदर्शन 1951 में किया था, जब वह मेडल टैली में दूसरे स्थान पर था.  

भारत के एशियन गेम्स में हर एक एडिशन में जीते गए मेडल :- 

संस्करण  आयोजन स्थल  स्वर्ण (Gold) रजत (Silver) कांस्य (Bronze) कुल (Total)  भारत का स्थान (Rank)
1951 नई दिल्ली, भारत 15 16 20 51 दूसरा (2nd)
1954 मनीला, फिलीपींस 5 4 8 17 पांचवां (5th)
1958 टोक्यो, जापान 5 4 4 13 सातवां (7th)
1962 जकार्ता, इंडोनेशिया 10 13 10 33 तीसरा (3rd)
1966 बैंकॉक, थाईलैंड 7 3 11 21 पांचवां (5th)
1970 बैंकॉक, थाईलैंड 6 9 10 25 पांचवां (5th)
1974 तेहरान, ईरान 4 12 12 28 सातवां (7th)
1978 बैंकॉक, थाईलैंड 11 11 6 28 छठा (6th)
1982 नई दिल्ली, भारत 13 19 25 57 पांचवां (5th)
1986 सियोल, द. कोरिया 5 9 23 37 पांचवां (5th)
1990 बीजिंग, चीन 1 8 14 23 ग्यारहवां (11th)
1994 हिरोशिमा, जापान 4 3 16 23 आठवां (8th)
1998 बैंकॉक, थाईलैंड 7 11 17 35 नौवां (9th)
2002 बुसान, द. कोरिया 11 12 13 36 सातवां (7th)
2006 दोहा, कतर 10 17 26 53 आठवां (8th)
2010 ग्वांगझू, चीन 14 17 34 65 छठा (6th)
2014 इंचियोन, द. कोरिया 11 10 36 57 आठवां (8th)
2018 जकार्ता, इंडोनेशिया 16 23 31 70 आठवां (8th)
2023 हांगझोऊ, चीन 28 38 40 106 चौथा (4th)
2026 आइची-नागोया, जापान 21 27 37 85 चौथा (4th)

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