कबड्डी के लिए कभी ट्रेन की सीट के नीचे सोकर सफर करने वाले असलम इनामदार ने शायद ही कभी सोचा होगा कि वो एशियन गेम्स में भारत की दो ऐतिहासिक जीत का हिस्सा होंगे. भारत ने बीते दिन ईरान को हराकर कबड्डी में अपना गोल्ड बरकरार रखा. भारत की इस जीत में असलम में बड़ा योगदान रहा. असलम को यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा.
वॉशरूम तक किए साफ
बीते दिन महाराष्ट्र के अहिल्यानगर ज़िले के तकलीभान गाँव के रहने वाले 26 साल के असलम ने खुद को उस संघर्ष से बिल्कुल अलग स्थिति में पाया. एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान को हराने में भारत की मदद करने के बाद इस ऑल-राउंडर के गले में गोल्ड मेडल था और लगभग 30 मिनट तक उन्होंने उसके साथ सेल्फी ली और रील्स बनाईं. जिसने कभी गुजारा करने के लिए चाय की दुकानों पर काम किया हो, बर्तन धोए हों, वॉशरूम साफ किए हों और खेतों में मजदूरी की हो, उसके लिए यह पल लगभग यकीन न करने लायक था.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इनामदार ने कहा कि उन्हें अभी भी यह किसी सपने जैसा लगता है. वह अक्सर सोचते हैं कि जिस व्यक्ति के घर में खाने के लिए भी कुछ नहीं था, उसके पास अब दो इंटरनेशनल मेडल हैं. भारतीय टीम ने कबड्डी में अपने दबदबे को बनाए रखा और ईरान को 40-34 से हराया और एशियन गेम्स के इतिहास का नौवां गोल्ड मेडल जीता.




