भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीत लिया. उसने आयची-नगोया में हुए मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से मात दी. तीन साल पहले चीन में भी भारत ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता था. टीम इंडिया ने स्मृति मांधना के 79, ऋचा घोष के नाबाद 49 और शेफाली वर्मा के 48 रन के बूते तीन विकेट पर 216 रन का स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंकाई टीम भारतीय स्पिनर्स के सामने 69 रन पर ही ढेर हो गई. इससे भारत को एशियन गेम्स 2026 का पहला गोल्ड मेडल भी मिला.
टॉस जीतकर पहले बैटिंग कर रही भारतीय टीम को स्मृति और शेफाली ने जोरदार शुरुआत दी. इनके बीच 10 ओवर में 99 रन की साझेदारी हुई. शेफाली ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 29 गेंद में तीन छक्कों और इतने ही चौकों से 48 रन की पारी खेली. वह महज दो रन से अर्धशतक से चूक गई. स्मृति ने अर्धशतक पूरा किया जो 30 गेंद में आया. कप्तान हरमनप्रीत कौर एक बार फिर से जूझती दिखाई दी. वह 17 गेंद में 19 रन बनाकर आउट हो गई. शेफाली शतक की कोशिश में 79 के स्कोर पर चलती बनी. उन्होंने 45 गेंद का सामना किया और पांच चौके व सात छक्के लगाए.
ऋचा की आतिशी फिनिश
इसके बाद ऋचा ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 22 गेंद में छह चौके व तीन छक्के उड़ाते हुए 49 रन की पारी खेली. उनके और भारती फुलमाली (7) के बीच 53 रन की साझेदारी हुई. इसमें भारती का योगदान केवल सात रन का था. इससे भारतीय टीम 216 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. श्रीलंका की ओर से सभी गेंदबाजों की पिटाई हुई.
भारतीय स्पिनर्स के सामने श्रीलंकाई बैटिंग ढेर
जवाब में श्रीलंका की तरफ से केवल कप्तान चामरी अटापट्टू ही कुछ हद तक मुकाबला कर सकी. वह 21 गेंद में पांच चौकों से 29 रन बनाने के बाद आउट हुई. तब स्कोर 43 रन था. इसके बाद 50 रन बनते-बनते कुल छह विकेट गिर गए. लेकिन भारतीय स्पिनर्स के आगे श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया. केवल तीन ही बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार कर सकीं. 10 में से नौ विकेट स्पिनर्स को मिले तो एक श्रीलंकाई बल्लेबाज रन आउट हुई.दीप्ति शर्मा ने छह रन देकर तीन विकेट लिए तो श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल और शेफाली वर्मा को दो-दो सफलता मिली.




