एशियन गेम्स 2026 शुरू होने में 72 घंटे से भी कम बचे हैं लेकिन वहां का अव्यवस्था ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. इन खेलों के लिए खेल गांव नहीं होने की वजह से खिलाड़ी अलग-अलग होटलों, क्रूज शिप और कंटेनर पर ठहराए जा रहे हैं. ऐसे में व्यवस्था बन नहीं पाई. खबर है कि अभी तक जो खिलाड़ी जापान पहुंचे हैं और जिन्हें क्रूज शिप पर ठहरना है उन्हें 40 कमरे कम दिए गए हैं. ऐसे में 80 खिलाड़ियों के लिए बंदोबस्त नहीं हो पाया. वहीं जिन खिलाड़ियों को होटलों में ठहराया जाना है उन्हें चेक इन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा. फिर उनके नाश्ते का इंतजाम भी नहीं किया गया.
एशियन गेम्स 2026 जापान के आयची-नागोया में 19 सितंबर से होने जा रहे हैं. इनमें शामिल होने के लिए बहुत से भारतीय खिलाड़ी जापान पहुंच चुके हैं. बाकी बचे भी जल्द रवाना हो जाएंगे. लगभग 500 भारतीय खिलाड़ी इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने 15 सितंबर को जब खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की पड़ताल की तो सामने आया कि कम कमरे बुक किए गए हैं. इसके बाद भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) को सूचना दी गई. आईओए ने अपनी शिकायत एशियाई ओलिंपिक परिषद के सामने दर्ज कराई. साथ ही कमरों की व्यवस्था जल्द से जल्द कराने को कहा.
एथलेटिक्स टीमों और कोचेज को अलग-अलग ठहराया
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय एथलेटिक्स दल के खिलाड़ी जब जापान पहुंचे तो उन्हें चार घंटे तक चेक इन के लिए इंतजार करना पड़ा. फिर जो इंतजाम हुए वे बंटे हुए थे. भारतीय पुरुष, महिला टीमों व कोचिंग स्टाफ को अलग-अलग जगह ठहराया गया. इन होटलों के बीच चार किलोमीटर का फासला है. इसके बाद जब सुबह खिलाड़ी उठे तो उन्हें पता चला कि उनके लिए ब्रेकफास्ट का इंतजाम नहीं किया गया. होटल्स में ब्रेकफास्ट बुक ही नहीं किया गया. कई खिलाड़ी इस वजह से भूखे ही रहे तो कई ने बाहर जाकर नाश्ता किया. इसी तरह शाम में ट्रेनिंग सेशन पर जाने के लिए खिलाड़ियों को लेने के लिए बस ही नहीं आई.
एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए जो क्रूज शिप और कंटेनर बुक किए गए हैं. उनको लेकर भी शिकायतें आ रही हैं. साउथ कोरियाई खिलाड़ियों की तरफ कहा गया है कि बहुत छोटे बिस्तर कंटेनर में लगाए गए हैं. इसी तरह से सिंक लीक हो रहे हैं. ऐसी ही शिकायतें ताईवान और फिलिपींस की ओर से भी की गई हैं.




