एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग में 29 सितंबर की तारीख अच्छी रही. दो मुक्केबाज- परवीन हुड्डा (65 किलो महिला) और अंकुश पंघाल (80 किलो पुरुष)- फाइनल में पहुंच गए और सिल्वर मेडल तय हो गया. अब ये दोनों फाइनल में गोल्ड मेडल के मुकाबले में उतरेंगे. 90 किलो प्लस पुरुष कैटेगरी में भारत के नरेंदर को सेमीफाइनल में हार मिली. इससे उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.
एशियन गेम्स 2026 में सबसे पहले परवीन हुड्डा ने फाइनल में जगह बनाई. उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की शु ली को 5-0 से मात दी. इस जीत के साथ परवीन तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई जो एशियन गेम्स फाइनल में पहुंची हैं. अभी तक एक ही भारतीय महिला बॉक्सर एशियन गेम्स में गोल्ड जीती है. 2014 एशियन गेम्स में मैरी कोम ने यह कमाल किया था. परवीन फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन चिन से खेलेंगी.
अंकुश का 80 किलो कैटेगरी में धमाका
पुरुषों की 80 किलो कैटेगरी में अंकुश ने धमाका करते हुए 75 किलो कैटेगरी के वर्तमान वर्ल्ड चैंपियन फजलीद्दीन इर्किनबोएव को 4-1 से हराया. अंकुश ने कमाल की मुक्केबाजी करते हुए उज्बेक बॉक्सर को बाहर किया. पहले राउंड को 4-1 से इर्किनबोएव ने जीता. दूसरे में अंकुश ने वापसी की और 3-2 से इसे अपने नाम किया. आखिरी राउंड में भी उन्होंने कुछ कमाल के मुक्के लगाए. इससे वे विजेता बने.
इस नतीजे के साथ आठ साल बाद कोई भारतीय पुरुष बॉक्सर एशियन गेम्स फाइनल में पहुंचा है. अंकुश का फाइनल में साउथ कोरिया को किम मिन सिओंग से सामना होगा.
बॉक्सिंग में पिछले एशियन गेम्स से बेहतर प्रदर्शन
भारत ने इस बार पिछले एशियन गेम्स की तुलना में बॉक्सिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है. इस खेल में पिछली बार भारत को चार पदक मिले थे. इनमें एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज थे. इस बार छह पदक पक्के हैं. इनमें से दो रजत और चार कांस्य हैं. चार कांस्य में से तीन का रंग बदलने का मौका है.
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