भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता. ज्योति सुरेश वेनम, चिकिता तनिपार्थी और प्रीतिका प्रदीप की कंपाउंड महिला टीम इवेंट में चीन को हराकर सुनहरी सफलता मिली. भारत ने 238-234 के स्कोर के साथ गोल्ड अपने नाम किया. भारत का यह एशियन गेम्स 2026 में सातवां स्वर्ण पदक रहा. तीरदांजी में इस एडिशन का यह पहला स्वर्ण पदक है. भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने पिछले एशियन गेम्स में भी टीम इवेंट का गोल्ड मेडल जीता था. तब चीनी ताइपे को फाइनल में मात दी गई थी.
भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीतने के दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की. साउथ कोरिया ने 2014 इंचियोन खेलों में 238 का स्कोर बनाया था. भारत ने भी इतना ही स्कोर बनाया. भारतीय टीम ने गोल्ड जीतने के सफर में सबसे पहले मंगोलिया को 238 के स्कोर के साथ हराया. फिर कजाखस्तान को मात दी. सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 1 पॉइंट से हराया और फाइनल में फिर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ चीन से बाजी मारी.
भारत ने हर बार महिला कंपाउंड आर्चरी टीम इवेंट में जीता मेडल
2014 से एशियन गेम्स में महिला कंपाउंड आर्चरी टीम इवेंट शुरू हुआ है. भारत ने तब से हर बार मेडल जीता है. 2014 में से कांस्य मिला था. 2018 में रजत पदक जीता और अब लगातार दो गोल्ड आए हैं. ज्योति इन चारों ही मेडल जीतने वाली टीम में रही है.
भारत ने फाइनल में चीन को कैसे हराया
ज्योति, चिकिता और प्रीतिका ने फाइनल में 24 में से केवल दो ही निशाने नौ अंक के लगाए. बाकी सभी 10 या बुल्स आई रहे. इससे भारत को 240 में 238 का स्कोर मिला. वहीं चीनी तीरंदाजों ने छह निशान नौ पर लगाए. पहले गेम से ही भारत ने बढ़त बना ली थी. इसमें भारतीय तीरंदाजों ने पूरे 60 अंक हासिल किए. चीन को 58 पॉइंट मिले. दूसरे गेम में भी चीन को 58 अंक मिले तो भारतीय तीरंदाजों को 59. तीसरे गेम में चीन के सभी तीर निशाने पर लगे. उन्होंने पूरे 60 पॉइंट हासिल किए. इसमें भारतीय तीरंदाजों का एक तीर नौ पर लगा बाकी सब 10 पर गए. इस तरह से भारत की बढ़त बरकरार रही. आखिरी गेम में चीनी तीरंदाज 60 में से 58 अंक ही ले सके. वहीं भारतीय टीम ने पूरे 60 अंक लिए.




