जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में कांस्य जीतकर रचा इतिहास, जानिए टेनिस से कैसे अलग है यह खेल

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जय मीणा ने शेर्विन नुगुट को मात देकर कांस्य पदक तय किया था.

मध्य प्रदेश से आने वाले जय मीणा तीसरी बार एशियन गेम्स में खेल रहे थे.

भारत के जय मीणा ने एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा. उन्होंने फिलिपींस के शेर्विन नुगुट को सात गेम के मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इससे उनका पदक तय हो गया. हालांकि सेमीफाइनल में जय मीणा को जापान के ताकाया कुरोसाका से 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4 से मात मिली. इससे फाइनल में जाने और मेडल का रंग बदलने का मौका निकल गया. हालांकि भारत ने उनकी बदौलत एशियन गेम्स में पहली बार मेडल जीत लिया.

मध्य प्रदेश से आने वाले जय मीणा तीसरी बार एशियन गेम्स में खेल रहे थे. उन्होंने 2018 और 2022 में भी हिस्सा लिया था. उन्होंने ग्रुप डी में पाकिस्तान के अरायन हुसैन को 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी. फिर शेर्विन नुगुट को 4-3 (0-4, 4-2, 2-4, 4-2, 5-3, 2-4, 7-5) से मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचे थे.

जय मीणा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जीता है मेडल

जय ने 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ जोड़ी बनाकर मिक्स्ड डबल्स में कांस्य जीता था. यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक था. फिर 2025 में जय ने एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी मेडल जीतकर इतिहास रचा. यहां उन्होंने कुल चार पदक जीते थे.

क्या है सॉफ्ट टेनिस

यह देखने में तो परंपरागत टेनिस की तरह ही लगता है. मगर इसमें गेंद नरम और हल्की होती है. जापान से इस खेल की शुरुआत हुई थी और फिर पूरे एशिया में खेला जाने लगे. आगे चलकर पूर्वी यूरोप में भी सॉफ्ट टेनिस लोकप्रिय हो गया. इस खेल की गेंद में वही रबर इस्तेमाल होता है जो टेनिस में रहता है. लेकिन सॉफ्ट टेनिस की गेंद के ऊपर कवर नहीं रहता. इसकी वजह से गेंद काफी हल्की होती है. यह ज्यादा स्पिन करती है और हवा में ज्यादा बहती है. पहले यह खेल डबल्स में ही होता था. बाद में सिंगल्स भी होने लगे.