कौन हैं सलमान खान? जिसने दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर से Asian Games का मेडलिस्ट बनकर पलट दी जिंदगी

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सलमान खान और सतनाम सिंह
सलमान खान और सतनाम सिंह

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सलमान खान और सतनाम सिंह ने रोइंग में कांस्य पदक जीता

सलमान खान उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले हैं

एशियन गेम्स 2026 में भारत के 506 एथलीट भाग ले रहे हैं. जिसके छठे दिन भारत ने वुशु में जहां अभी तक का ऐतिहासिक मेडल जीता. वहीं इसके बाद नौकायान में भी कमाल हो गया. सलमान खान और सतनाम सिंह की जोड़ी ने भारत को 24 सितंबर के दिन नौकायान में मेंस डबल्स स्कल्स में ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया. इसके बाद से सलमान खान का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है और उन्होंने मेडल जीतने के बाद बताया कि कैसे दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी चलाने वाले इस व्यक्ति ने एशियन गेम्स में मेडल तक का सफर तय किया.

सलमान खान की जिंदगी कैसे बदली ?

सलमान खान ने टैक्सी चलाने के बावजूद खुद को अपने लक्ष्य से दूर नहीं रखा और सेना में आवेदन करना जारी रखा. साल 2017 में टैक्सी चलाकर पैसा कमाते हुए सलमान की नौकरी सेना में लग गई और फिर यहीं से उनके हाथ में स्टीयरिंग की जगह नाव की पतवार थमा दी गई. सेना जॉइन करने के बाद वो साल 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए और यहीं पर पहली बार उनका नौकायान से परिचय हुआ.

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सलमान ने सबकुछ बदल दिया 

सलमान खान ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बताया कि सेना में ही कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा ने उनको रोइंग के लिए मनाया. इसके बाद सलमान ने इस खेल को पूरी गंभीरता से लिया और अब उन्होंने बीते नौ सालों में टैक्सी चलाने से लेकर देश के लिए पतवार चलाकर मेडल लाने का सफर पूरा कर लिया है. सलमान ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं, वो सब कुछ भारतीय सेना की वजह से ही हूं. सलमान अब इसी तरह के शानदार प्रदर्शन को जारी रखना चाहेंगे और आगे ओलिंपिक तक में मेडल लाना चाहेंगे.