अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस ने भारत के सामने इकलौते टेस्ट में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) पर सही फैसला नहीं करने पर टीम को लताड़ लगाई. उन्होंने कहा कि उनकी टीम इस मामले में जंग खाई सी लगी. अफगानिस्तानी टीम केएल राहुल, ऋषभ पंत और शुभमन गिल के खिलाफ सही फैसला नहीं कर सकी. राहुल और पंत के बल्ले से लगकर गेंद पीछे गई थी तो गिल गेंद पैड्स पर लगने के समय स्टंप्स के सामने थे. इन तीनों ने इसका फायदा लिया और बड़े रन बनाए.
अफगानिस्तान के हेड कोच ने डीआरएस पर क्या कहा
अफगानिस्तान के विकेटकीपर अफसर जजाई इन तीनों मौकों पर कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी की मदद नहीं कर सके. इससे डीआरएस लेने का मौका निकल गया. पायबस ने दूसरे दिन के खेल के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम पूरी तरह से जंग खाए हुए थे. किसी को दोष दिए बिना मुझे लगता है कि फैसले लेने में यकीन की कमी थी और आखिर में कप्तान के पास निर्णय करने के लिए बहुत कम समय बचा. वह फीडबैक के भरोसे रहते हैं. हमने बाद में इस बारे में बात की क्योंकि हम वाकई इसमें पीछे थे और इससे हमें नुकसान हुआ.'
पायबस ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि कप्तान पूरी तरह से भरोसे थे और उनके पास दो लोग थे जिनसे फैसला करने से पहले बात करते हैं. उनके पास विकेटकीपर है जो अपना नजरिया देते हैं, वह उन्हें गेंद की ऊंचाई के बारे में बता सकते हैं. फिर वह (कप्तान) गेंदबाज के भरोसे रहते हैं जो बता सकते हैं कि सामने की तरफ क्या था.'
अफगान कोच ने अंपायर्स का लिया पक्ष
अफगान कीपर राहुल और पंत के बल्ले से लगकर आए किनारे पर अपील नहीं कर सके. वहीं शुभमन के मामले में वह संतुष्ट नहीं थे कि भारतीय कप्तान स्टंप्स के सामने थे. अफगानिस्तान के हेड कोच ने इन फैसलों को लेकर मैदानी अंपायर इब्ने सैकट और रिचर्ड इलिंगवर्थ से सहानुभूति रखी. उन्होंने कहा, 'जहां तक अंपायरिंग की बात है तो मैं डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट रहने के अनुभव से कह सकता हूं कि अंपायरिंग कितनी कठिन होती है और आईसीसी किस तरह से इन फैसलों को रिव्यू करती है. अंपायर्स के लिए कोई ढील नहीं होती. जब वे गलती करते हैं तो हर फैसला रिव्यू होता है. अंपायर को उस पर फीडबैक मिलता है.'


