भारतीय वनडे टीम का अफगानिस्तान के साथ तीन मैचों की सीरीज के लिए 19 मई को ऐलान हुआ. इसमें विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन को भी जगह मिली. उनकी ढाई साल बाद वापसी हुई. वे आखिरी बार अक्टूबर 2023 में भारत की तरफ से वनडे खेले थे. बाएं हाथ के इस विकेटकीपर बल्लेबाज को केएल राहुल के साथ दूसरे कीपर के साथ ही ओपनिंग के विकल्प के तौर पर चुना गया है. इशान किशन का दावा टीम इंडिया में ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों पर भारी पड़ा है.
स्पोर्ट्स तक को मिली जानकारी के अनुसार, टीम सेलेक्शन के दौरान ऋतुराज, इशान और संजू के चयन पर चर्चा हुई थी. इन तीनों में से किसी एक को ही जगह मिल सकती थी. अजीत अगकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इशान को तवज्जो दी. उन्हें बड़े शॉट मारने की काबिलियत, बाएं हाथ का बल्लेबाज होने और मिडिल ऑर्डर के साथ ही ओपनिंग करने की सहूलियत देने की वजह से संजू और गायकवाड़ पर प्राथमिकता दी गई. सेलेक्टर्स का मानना है कि इशान के खेलने का तरीका साउथ अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप के दौरान कारगर साबित हो सकता है.
इशान किशन को लेफ्टी होने का फायदा सेलेक्शन में कैसे मिला
भारतीय वनडे स्क्वॉड में अभी दाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार है. ओपनर्स से लेकर छठे नंबर तक सभी दाएं हाथ के ही बल्लेबाज हैं. ऐसे में इशान का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना सेलेक्शन में उनके पक्ष में गया. अभी रवींद्र जडेजा या अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर के रूप में ही भारतीय वनडे टीम में खब्बू बल्लेबाज हैं. ये सभी निचले क्रम में खेलते हैं. बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर एक विकल्प यशस्वी जायसवाल का भी है लेकिन वे केवल ओपनिंग का ही विकल्प देते हैं. शुभमन गिल, रोहित शर्मा के रहते उनके खेलने की संभावनाएं कम हैं. इस वजह से वह अपने आखिरी वनडे में शतक लगाने के बाद भी वनडे टीम में शामिल नहीं हो पाए.
संजू-ऋतुराज के लिए बंद नहीं हुए टीम इंडिया के दरवाजे
स्पोर्ट्स तक को जानकारी मिली है कि संजू और ऋतुराज के लिए वनडे टीम के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं. ये दोनों आगामी सीरीज के दौरान चयन के प्रमुख दावेदारों में रहेंगे. भारत को अफगानिस्तान सीरीज के बाद इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज और न्यूजीलैंड के साथ वनडे खेलने हैं. यह सब सीरीज 2027 में अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी का काम करेगी.

