गली क्रिकेट खेलते हुए भारतीय टेस्ट टीम में बनाई जगह, पढ़ाई न करने के सुनने पड़े थे ताने, कहा- भारत जैसे देश में...

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मानव सुथार (बीच में) राजस्थान से आते हैं. (Photo: Getty)
मानव सुथार (बीच में) राजस्थान से आते हैं. (Photo: Getty)

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मानव सुथार के लिए घरेलू क्रिकेट में 2022-23 का रणजी ट्रॉफी सीजन अच्छा रहा था.

मानव सुथार राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से आते हैं.

अफगानिस्तान के साथ इकलौते टेस्ट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में युवा ऑलराउंडर मानव सुथार को चुना गया. वे पहली बार टीम इंडिया का हिस्सा बने. राजस्थान से आने वाले बाएं हाथ के ऑलराउंडर मानव सुथार गली क्रिकेट खेलते हुए आगे बढ़े और अब भारत के लिए टेस्ट खेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सफर के दौरान काफी रुकावटें और निराशा थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 23 साल के मानव सुथार ने क्रिकेट खेलने पर ही ध्यान लगाए रखा और घरेलू क्रिकेट व इंडिया ए में खेलते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई.

सुथार ने जियोहॉटस्टार से बात करते हुए अपने सफर के बारे में कहा. उन्होंने कहा, 'क्रिकेट हमेशा से मेरे परिवार का बड़ा हिस्सा रहा है. मेरे पिता खेल को पसंद करते हैं और घर पर सभी लोग लगातार मैच देखते हैं. बच्चे के रूप में मैं उनके साथ बैठता और देखता था. वहीं से मुझे क्रिकेट पसंद आने लगा. मैं दोस्तों के साथ गलियों में खेलने लगा. गली में होने वाले मैचों ने मुझे बुनियादी चीजें सिखाईं कि कैसे बल्ला पकड़ना है, कैसे गेंद फेंकनी है.'

सुथार ने बताया कब लगा क्रिकेट में बन सकता है करियर

सुथार ने 10-11 साल की उम्र में एकेडमी में दाखिला लिया और फिर वहां से आगे का रास्ता शुरू हुआ. उन्होंने कहा, 'मेरे लिए पहला रास्ता तब खुला जब राजस्थान अंडर 14 टीम में खेलने का मौका मिला. उस अनुभव ने मुझे काफी प्रेरणा दी. मैंने महसूस किया कि मैं इस खेल में करियर बना सकता हूं. वहां से एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर वास्तव में शुरू हुआ.'

सुथार को सुनने पड़े पढ़ाई के ताने

सुथार ने बताया कि कई लोगों ने उनसे और परिवार से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दिया जाए लेकिन उन्होंने इसकी अनदेखी की. उन्होंने बताया, 'भारत जैसे देश में जहां इतनी आबादी है वहां क्रिकेट में सफल होना कभी आसान नहीं रहता. यहां पर कुछेक जगहों के लिए बहुत सारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मुकाबला कर रहे होते हैं. मैंने भी बहुत सी चुनौतियां झेलीं. बहुत सारे लोगों ने मुझसे पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कोई स्कोप नहीं है और मैं समय खराब कर रहा हूं. लेकिन मैंने सुना नहीं. मैं हार नहीं मानी. मैं मेहनत करते गया.'