भारत और अफगानिस्तान के बीच छह जून से न्यू चंडीगढ़ में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा. यह दूसरी बार है, जब दोनों टीमों के बीच टेस्ट मैच खेला जाएगा. इससे पहले दोनों टीमें रेड बॉल क्रिकेट में साल 2018 में बेंगलुरु के मैदान पर आमने-सामने थी, जो अफगानिस्तान क्रिकेट का पहला टेस्ट मैच भी था. 14 जून से शुरू हुआ वो टेस्ट दो दिन में ही खत्म हो गया और भारत ने पारी और 262 रन के बड़े अंतर से जीत हासिल की.
मुरली और धवन की सेंचुरी
उस मुकाबले में भारतीय ओपनर मुरली विजय और शिखर धवन के बल्ले से शतक निकला था. मुरली विजय ने 105 रन तो प्लेयर ऑफ द मैच रहे धवन ने 96 गेंदों पर 107 रन बनाए थे. उनके बाद हार्दिक पंड्या ने तेजी से 71 रन बनाए. केएल राहुल ने भी फिफ्टी लगाई थी.
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मेहमान टीम को एक ही दिन में दो बार ऑल-आउट कर दिया. अफगानिस्तान की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 109 रन बना पाई थी और फिर फ़ॉलो-ऑन खेलते हुए 103 रन ही ढेर हो गई. रवींद्र जडेजा सबसे शानदार गेंदबाज रहे, जिन्होंने दोनों पारियों में कुल 6 विकेट लिए. आर अश्विन ने पांच विकेट, उमेश यादव ने चार विकेट लिए थे.
ये अफगान खिलाड़ी कर पाए भारतीय अटैक का सामना
अफगानिस्तान के हशमतुल्लाह शाहिदी इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारतीय अटैक का थोड़ा बहुत सामना कर पाए. दूसरी पारी में वह 36 रन पर नॉटआउट रहे थे. उनके अलावा कप्तान असगर अफ़गान ने 25 रन बनाए थे. उस मैच में अफगान एक नई टीम थी, मगर उसके बाद अफगान टीम ने अपने रेड बॉल क्रिकेट में काफी सुधार किया और अनुभव हासिल किया. उस मैच के बाद अफगान टीम ने 11 टेस्ट और खेले. उसने बांग्लादेश, आयरलैंड और जिम्बाबवे के खिलाफ मैच जीता.
सुदर्शन या पडिक्कल, गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ नंबर तीन पर किसे चुना?


