Watch: हरभजन सिंह ने पाकिस्तान को दिया मुंहतोड़ जवाब, कहा- ICC टूर्नामेंट खेलने मत आओ भारत

Neeraj Singh

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चैंपियंस ट्रॉफी
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हरभजन सिंह ने कहा कि पीसीबी को अपना घमंड कम करना चाहिए

भज्जी ने कहा कि वैसे ही भारत- पाकिस्तान के मुकाबले कम होते हैं

Harbhajan Singh Exclusive: टीम इंडिया के पूर्व स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर निशाना साधा है और कहा है कि पीसीबी को अपना घमंड एक तरफ रखकर हाइब्रिड मॉडल को अपना लेना चाहिए. 8 टीमों वाला आईसीसी टूर्नामेंट पाकिस्तान में आयोजित होना है जिसको लेकर भारत ने साफ कर दिया है वो सिक्योरिटी के चलते पाकिस्तान नहीं आएगा और अपने मैच हाइब्रिड मॉडल खेलेगा. ऐसे में भज्जी ने स्पोर्ट्स तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि अगर पीसीबी चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर इतना बवाल कर रहा है तो उसे भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं खेलने आना चाहिए.

पाकिस्तान को टूर्नामेंट को आगे बढ़ाना चाहिए. आप टूर्नामेंट को रोक नहीं सकते और ये नहीं कह सकते कि ये पाकिस्तान में ही होगा. वेन्यू आप कोई और चुन लीजिए. या फिर इसे हाइब्रिड मॉडल के तहत कराइए जैसे की दुबई, अबू धाबी या फिर श्रीलंका. आप मलेशिया जा सकते हैं. हाइब्रिड मॉडल सबसे सही है. मुझे लगता नहीं कि हमारी सरकार तब तक पाकिस्तान टीम नहीं भेजेगी जब तक वहां के हालात स्थिर नहीं होते. 

भज्जी ने आगे कहा कि

आपको भी आगे कभी भारत नहीं आना होगा तो मत आइएगा. आपको लगता है कि आपके न आने से भारत में टूर्नामेंट नहीं होंगे और उससे हमें कोई फर्क पड़ेगा तो वो आपकी सोच है. आप किसी भी वर्तमान खिलाड़ी से पूछ लीजिए आपको जवाब मिल जाएगा. चैंपियंस ट्रॉफी नहीं रुकनी चाहिए. आपका घमंड कम करना होगा और इसे हाइब्रिड मॉडल में कराना होगा. क्योंकि क्रिकेट लोग देखना चाहते हैं. एक तो भारत- पाकिस्तान के तो वैसे मैच नहीं होते और जो गिन चुने हैं उसमें भी पीसीबी घमंड में हैं. इसलिए जो मैच होने हैं उसे होने दीजिए. 

हरभजन सिंह ने कहा कि

मैं पहले से ही बोलता आ रहा हूं और अभी भी मेरा बयान यही है कि भारत किसी भी हाल में पाकिस्तान नहीं जाएगा. पाकिस्तान के जो हालात हैं वो अच्छे नहीं है. वहां की जो दुनिया है वो परेशान हैं. लोग परेशान हैं. अगर आप वहां पर क्रिकेट खेलने की बात कर रहे हैं तो वो मुश्किल है क्योंकि भारतीय टीम को वहां सिक्योरिटी नहीं मिल पाएगी. भारत तो छोड़िए वहां कोई भी देश नहीं जाना चाहेगा.