विराट कोहली का मुरीद हुआ दो छक्के खाने वाला पाकिस्तान बॉलर, कहा-कार्तिक-पंड्या ऐसा करते तो दुख होता

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विराट कोहली का मुरीद हुआ दो छक्के खाने वाला पाकिस्तान बॉलर, कहा-कार्तिक-पंड्या ऐसा करते तो दुख होता

पाकिस्तान के तूफानी तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने विराट कोहली को सराहा है. उन्होंने यह तारीफ टी20 वर्ल्ड कप 2022 में उनके लगाए दो छक्कों के लिए की. विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पहले मुकाबले के 19वें ओवर में लगातार दो छक्के लगाकर भारत को जिताने की बुनियाद रखी थी. भारतीय बल्लेबाज ने दोनों सिक्स हारिस रऊफ को लगाए थे. पहला सिक्स बैकफुट पर जाकर गेंदबाज के सिर के ऊपर से लगाया था. फिर फाइन लेग के ऊपर से फ्लिक कर दूसरा सिक्स बटोरा. इनके बारे में हारिस रऊफ ने कहा कि कोई और खिलाड़ी इस तरह के शॉट नहीं लगा सकता. अगर कोहली के अलावा कोई बल्लेबाज उन्हें ऐसे शॉट लगाता तो वे आहत होते.

पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में विराट कोहली ने नाबाद 83 रन बनाए थे. उन्होंने हारिस रऊफ  के ओवर से 15 रन बटोरे जिससे आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए केवल 16 रन ही चाहिए थे. क्रिकविक चैनल से बातचीत में हारिस रऊफ ने उस ओवर के बारे में बात की. उन्होंने कहा, 'जिस तरह से उसने वर्ल्ड कप खेला है वह उसकी क्लास दिखाता है. हम सब जानते हैं कि वह किस तरह के शॉट लगाता है. और जिस तरह से उसने वे सिक्स लगाए मुझे नहीं लगता है कि कोई और खिलाड़ी मेरी बॉलिंग पर उस तरह के शॉट लगा सकता है. यदि दिनेश कार्तिक या हार्दिक पंड्या ने वो सिक्स लगाए होते तो मैं हर्ट होता लेकिन वे कोहली के बल्ले से आए और उसकी अलग ही क्लास है.'
 

19वें ओवर में क्या थी रऊफ की रणनीति

हारिस रऊफ ने उस मुकाबले में 19वें ओवर की रणनीति के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि आखिरी ओवर मोहम्मद नवाज को करना था और उसके लिए 20 रन से ज्यादा बचाने थे. हारिस ने बताया, 'भारत को आखिरी 12 गेंद में 31 रन चाहिए थे. मैंने पहली चार गेंद में केवल तीन रन दिए थे. मुझे पता था कि नवाज आखिरी ओवर करेगा. वह एक स्पिनर है और मैंने उसके लिए कम से कम चार बड़ी बाउंड्री जितने रन बचाने की कोशिश की.'

पाकिस्तान के इस तूफानी बॉलर ने कहा कि उन्हें लग रहा था कि कोहली हल्की छोटी गेंद को सामने की तरफ नहीं मार सकते लेकिन भारतीय बल्लेबाज ने उस शॉट से अपनी क्लास दिखाई. उन्होंने कहा, 'और आठ गेंद में 28 रन चाहिए थे. मैंने तीन धीमी गेंद फेंकी और वह धोखा खा गया. उन चार में से मैंने एक ही गेंद तेज डाली. आइडिया यह था कि बैक ऑफ ए लैंथ यानी हल्की छोटी गेंद पटकी जाए क्योंकि सामने की तरफ बाउंड्री बड़ी थी. मुझे कोई आइडिया नहीं था कि वह उस लैंथ पर सामने की तरफ मार सकता है. इसलिए जब उसने मुझे वह शॉट मारा तो यह उसकी क्लास थी. मेरी योजना सही थी लेकिन वह क्लासिक शॉट था.'