नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट को वैसे तो बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है लेकिन आईसीसी टी20 विश्व कप में गेंदबाजों की तूती बोल रही है और कप्तानी का भी अहम रोल देखने को मिल रहा है. शायद यही कारण है कि फिसड्डी बल्लेबाजी के बाद लचर गेंदबाजी और कप्तानी में भी कुछ गलत फैसलों के चलते टीम इंडिया आज इस टूर्नामेंट से बाहर होने की दहलीज पर खड़ी है. कप्तान कोहली ने तो इस टूर्नामेंट के पहले ही अपनी कप्तानी पर बनते बाहरी दबाव के चलते कह दिया था कि वह अंतिम बार टी20 टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे और इस टूर्नामेंट के बाद टी20 क्रिकेट में कप्तानी के बोझ को अपने कंधे से उतार देंगे. हालांकि आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कोहली की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं और बतौर कप्तान भविष्य में उनकी वनडे कप्तानी भी कठघरे में आ खड़ी हुई है. भारत को 2023 में अपनी सरजमीं पर आईसीसी वनडे विश्व कप खेलना है और उसके लिए कप्तान कोहली के पास शायद अपने करियर में अंतिम बार आईसीसी ट्राॅफी जीतने का मौका होगा. जबकि इससे पहले वह तीन बार आईसीसी ट्राॅफी जीतने का मौका गंवा चुके हैं.
गलत फैसलों से सवालों में कोहली की कप्तानी
आईसीसी टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ कोहली ने कप्तानी में एक गलत फैसला लिया और शायद उसका खामियाजा टीम को हार के रूप में चुकाना पड़ा. जैसे-तैसे टॉस हारने के बाद कप्तान कोहली की 57 रनों की अर्धशतकीय पारी के चलते भारत ने पाकिस्तान को 152 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया. लेकिन गेंदबाजी के समय कोहली बड़ी चूक कर गए. उन्होंने टीम इंडिया के सबसे धाकड़ तेज गेंदबाज बूम-बूम जसप्रीत बुमराह से पारी की शुरुआत में गेंदबाजी नहीं करवाई. कोहली ने शमी व भुवनेश्वर से शुरुआत करवाने के बाद बुमराह को तीसरा ओवर दिया. लेकिन इसके बाद वह स्पिन गेंदबाजों की तरफ चले गए और बुमराह को उनका दूसरा ओवर मैच के 11वें ओवर में मिला. तब-तक पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज बाबर आजम और रिजवान पूरी तरह से सेट हो चुके थे और बुमराह मैच में एक भी विकेट नहीं ले सके. इसका खामियाजा भी टीम को 10 विकेट से बड़ी हार के रूप में भुगतना पड़ा.
पाकिस्तानी पत्रकार की बात मानकर गलती कर बैठे कोहली
पहला मैच पाकिस्तान से हारने के बाद प्रेसवार्ता में कोहली से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने कहा था कि रोहित शून्य पर आउट हुए तो क्या आप अगले मैच में उनकी जगह इशान किशन को उतार सकते हैं. उस समय कोहली ने उन्हें मुंह बनाते हुए बड़ा ही करारा जवाब देते हुए कहा था कि आप ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं. लेकिन कोहली के मन में शायद कुछ तो खिचड़ी पक रही थी. न्यूजीलैंड के खिलाफ किस्मत के मारे कोहली फिर टॉस हारे और सलामी बल्लेबाजी में रोहित को न भेजकर उनकी जगह इशान किशन को भेज दिया. इस तरह उपकप्तान रोहित को अचानक से करो या मरो के मैच में उनके बल्लेबाजी क्रम में न भेजना भी भारी पड़ा. इशान चार रन बनाकर आउट हुए और तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रोहित असहज से दिखे और 14 रन ही बना सके. जिसका आलम यह रहा कि टीम 110 रन ही बना सकी और न्यूजीलैंड ने आठ विकेट से रौंद दिया. रोहित के अलावा कोहली ने वरुण और जडेजा की उसी स्पिन जोड़ी पर भरोसा जताया जो पिछले मैच में आठ ओवर पर एक भी विकेट नहीं ले सकी थी. वहीं बेंच पर बैठे आर. अश्विन जैसे अनुभवी गेंदबाज को सबसे महत्वपूर्ण मैच में न खिलाना भी उनकी गलतियों में से एक है.
तीनों आईसीसी ट्राफी में कोहली की नाकामी
कोहली पहली बार साल 2014 में महेंद्र सिंह धोनी के बाद टेस्ट टीम इंडिया के कप्तान बने और उसके बाद से लेकर आज तक वह भारत को किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट की ट्राॅफी नहीं जिता सके हैं. इस दौरान कोहली ने चार बार आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया की कप्तानी की और उनकी नाकामी हर बार सामने आई. आईसीसी चैंपियंस ट्राॅफी 2017 के फाइनल में कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया को पाकिस्तान से हार झेलनी पड़ी. जबकि उसके बाद आईसीसी 2019 विश्व कप में इसी न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर बाहर कर दिया था. इतना ही नहीं इसी साल जून माह में न्यूजीलैंड ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 के फाइनल में भी भारत को हराकर कोहली की टीम को ट्राफी से दूर कर दिया था. इस तरह तीन बार ट्राॅफी जीतने के मौक़ा गंवाने के बाद चौथी बार कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी है. अब कोहली के पास अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी ट्राॅफी जिताने का एक और अंतिम मौका 2023 विश्व कप के रूप में बचा है. लेकिन बतौर कप्तान हर बार नाकामी से टी20 क्रिकेट के बाद कोहली की कप्तानी भी सवालों के कठघरे में खड़ी है और निकट भविष्य में कुछ भी हो सकता है.

