चहल को क्‍यों इस वर्ल्‍ड कप में खेलना चाहिए था, आंकड़े चीख-चीखकर दे रहे गवाही

चहल को क्‍यों इस वर्ल्‍ड कप में खेलना चाहिए था, आंकड़े चीख-चीखकर दे रहे गवाही

नई दिल्ली। आईसीसी टी20 विश्व कप के शुरू होने से पहले ही सभी क्रिकेट पंडित और दिग्गज चीख-चीख कर राय दे रहे थे कि इस विश्व कप में स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला रहने वाला है. इस लिहाज से जिस टीम के पास दमदार स्पिनर होंगे उसका पलड़ा भारी रहेगा. लेकिन शायद कप्तान विराट कोहली और टीम इंडिया के मैनेजमेंट के कान में दिग्गजों के चीखने की आवाज से जूं तक नहीं रेंगी. इसके उलट आईसीसी टी20 विश्व कप से पहले टीम में बड़ा बदलाव करते हुए शार्दुल ठाकुर को शामिल कर लिया और लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल को बाहर बैठा दिया. जबकि टीम इंडिया के धाकड़ लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को तो विश्व कप के लिए पहले घोषित टीम से चलता कर दिया गया था. अब दिग्गजों की राय सही साबित हुई और यूएई की धरती पर स्पिनरों की तूती बोल रही है. जिसमें सबसे आगे लेग स्पिनर हैं और भारतीय टीम में जो एक मात्र लेग स्पिनर राहुल चाहर शामिल हैं, उन्हें खेलने का मौका तक नहीं मिला. जबकि बाकी देशों के लेग स्पिनरों के आंकड़े चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं कि चहल को न शामिल करना भी बड़ी भूल साबित हुआ.

भारतीय चयनकर्ताओं ने आठ सितंबर को जब आईसीसी टी20 विश्व कप के लिए टीम का ऐलान किया तो अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया. क्योंकि विश्व कप से पहले खेले जा रहे आईपीएल 2021 सीजन में उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं जा रहा था. उनकी जगह फॉर्म में चलने वाले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को मौका दिया. वरुण के साथ-साथ स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, आर. अश्विन, राहुल चाहर ही टी20 विश्व कप में टीम इंडिया का हिस्सा है. जिसमें सिर्फ चाहर लेग स्पिनर हैं. इस तरह उन्हें जहां अभी तक मौक़ा नहीं मिला है, वहीं दुनिया भर के लेग स्पिनरों ने यूएई की धरती पर कोहराम मचाकर बल्लेबाजों को पानी पिला रखा है. जिसमें राशिद खान, आदिल राशिद, तबरेज शम्सी और भारत के खिलाफ मैच में कोहली और रोहित को आउट करने वाले न्यूजीलैंड के ईश सोढ़ी भी शामिल हैं.

टी20 विश्व कप में धमाल मचाने वाले लेग स्पिनर इस प्रकार हैं :-

 

एडम जैम्पा : ऑस्ट्रेलिया के एडम जैम्पा भी इस टूर्नामेंट में छाए हुए हैं. उन्होंने अभी तक खेले तीन मैचों में पांच बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया है. जिस दौरान उनका इकॉनमी भी कम 6.36 का रहा. इससे साबित होता है कि ये गेंदबाज दबाव बनाकर बल्लेबाजों को यूएई की पिचों पर जमने नहीं दे रहे हैं.

 

आदिल राशिद : इंग्लैंड के लिए आदिल राशिद ने भी अभी तक कमाल की गेंदबाजी है और पांच विकेट चटकाते हुए सिर्फ 5.42 के इकॉनमी से ही रन दिए हैं. इस तरह वह भी अपनी टीम के लिए मैच विनर साबित होते नजर आ रहे हैं.

वानिंदु हसरंगा : श्रीलंका के हसरंगा ने तो इस टूर्नामेंट को अपने जीवन के लिए यादगार बना डाला है. क्योंकि टी20 विश्व कप में श्रीलंका के लिए हैट्रिक लेने वाले वह एकलौते गेंदबाज बन गए हैं. हसरंगा ने कहर बरपाते हुए अभी तक पहले दौर और सुपर12 चरण मिलाकर छह मैचों में 11 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया है. जिस दौरान उनकी इकॉनमी भी 6.45 की काफी कम रही. हसरंगा ने भी सुपर-12 में तीन मैचों में पांच विकेट चटकाए हैं.

 

तबरेज शम्सी : साउथ अफ्रीका के तबरेज शम्सी इस साल टी20 क्रिकेट में 32 विकेट लेने के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन चुके हैं. आईसीसी टी20 विश्व कप में शम्सी ने अभी तक तीन मैच खेले हैं और सिर्फ 6.91 की इकॉनमी से रन देते हुए चार बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया है.

 

ईश सोढ़ी : भारत के लुधियाना में जन्में न्यूजीलैंड के प्रमुख स्पिन गेंदबाज ईश सोढ़ी का कोई तोड़ नहीं निकाल पा रहा है. सोढ़ी ने अभी तक सिर्फ दो मैच खेले है और चार विकेट झटक डाले हैं. भारत के खिलाफ मैच में रोहित और कोहली को सोढ़ी ने ही अपने जाल में फंसाया था. इसके साथ ही वह कोहली को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक तीन बार आउट करने वाले स्पिन गेंदबाज भी बन गए हैं. सोढ़ी ने इस दौरान रनों पर भी लगाम लगाए रखी और  उनका इकॉनमी सिर्फ 5.75 रहा.


लेग स्पिनरों ने झटके कुल 38 विकेट    
आईसीसी टी20 विश्व कप में इन सभी गेंदबाजों के मिलाकर आंकड़े देखे जाए तो सुपर-12 चरण में अभी तक 93.4 ओवर में महज 6.00 की इकॉनमी, 14.74 के औसत और 14.79 के शानदार स्ट्राइक रेट से 38 विकेट चटका डाले हैं. जो कि इस बात का सबूत है कि भारतीय मैनेजमेंट ने टीम मने लेग स्पिन गेंदबाज न शामिल करके भी एक भूल की है.