कूलिज (एंटीगा). अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देकर खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ंत पक्की कर ली है. यश धुल की अगुआई में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 96 रनों से हराकर लगातार चौथी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई. हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी रही थी, लेकिन आखिर में कंगारु टीम 31 रनों के फेर में फंसकर ये मुकाबला गंवा बैठी. भारत ने सबसे ज्यादा चार बार अंडर-19 विश्व कप जीता है. पिछले सीजन में टीम इंडिया को खिताबी मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों मात मिली थी.
...तो 270 रनों पर ठिठक जाती टीम इंडिया
दरअसल, इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत नहीं करने दी थी. यहां तक कि 49वें ओवर की पांचवीं गेंद तक भारत का स्कोर 259 रन था जिसे शायद ऑस्ट्रेलियाई टीम 270 रनों तक भी रोक सकती थी. ऐसा होता तो ऑस्ट्रेलिया के पास इस मैच में जीत दर्ज करने का अच्छा मौका था. लेकिन भारतीय टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों निशांत सिंधू और दिनेश बाना ने पारी की आखिरी 7 गेंदों पर 31 रन कूटकर सारे समीकरण ही बिगाड़कर रख दिए. और आखिर में इसी साझेदारी ने टीम इंडिया को ऐसे स्कोर तक पहुंचा दिया जिसने ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें और हौसले दोनों तोड़ दिया.
आखिरी 7 गेंदों में कूटे 31 रन
राजवर्धन हंगारेकर का विकेट जब गिरा तब भारत का स्कोर 48.5 ओवर में 259 रन था. यहां से निशांत सिंधू और दिनेश बाना ने सिर्फ 7 गेंदों पर 31 रन की साझेदारी कर टीम इंडिया के स्कोर को बुलेट ट्रेन की तेजी दी. 49वें ओवर की आखिरी गेंद पर क्रीज पर उतरे दिनेश बाना ने पहली ही गेंद को चौके के लिए भेज दिया. इसके बाद निशांत सिंधू ने 50वें ओवर की पहली गेंद पर चौका और दूसरी पर छक्का जड़ दिया. तीसरी गेंद पर लेग बाई का सिंगल आया और फिर इसके बाद दिनेश बाना ने चौथी और छठी गेंद पर छक्का और पांचवीं गेंद पर चौका लगाकर टीम को 290 के स्कोर तक पहुंचाया. दिनेश बाना ने 4 गेंदों पर 500 के हाहाकारी स्ट्राइक रेट से नाबाद 20 रनों की पारी खेली. वहीं निशांत सिंधू 10 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद लौटे.

