नई दिल्ली। अंडर 19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन लाजवाब रहा है और टूर्नामेंट में टीम लगातार आगे बढ़ रही है. इससे पहले टीम को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार बताया जा रहा था लेकिन अब कैंप में कोरोना विस्फोट होने के बाद तस्वीर थोड़ी धुंधली नजर आ रही है. आज टीम इंडिया को अपना मुकाबला युगांडा से खेलना है और टीम इससे पिछले मुकाबले जीत चुकी है. लेकिन फिलहाल टीम के पास प्लेइंग 11 की बड़ी चुनौती है क्योंकि टीम के ज्यादातर खिलाड़ी कोविड पॉजिटिव हैं जिसमें कप्तान यश धुल का भी नाम शामिल है. कई क्रिकेटरों के कोविड-19 की चपेट में आने के कारण भारत के पास कमजोर युगांडा खिलाफ अंडर-19 विश्व कप के ग्रुप बी में शनिवार को होने वाले अंतिम लीग मैच के लिए चुनने के लिये केवल 12 खिलाड़ी ही उपलब्ध होंगे. टीम के छह में से पांच सदस्य पॉजिटिव आए हैं.
टीम पहुंच चुकी है क्वार्टफाइनल में
भारतीय टीम भाग्यशाली रही जो पहले ही क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर चुकी थी और शनिवार को अंतिम ग्रुप मैच में आसान प्रतिद्वंद्वी से भिड़ेगी. भारत निश्चित तौर पर चाहेगा कि इन सभी खिलाड़ियों की नॉकआउट चरण से पहले वापसी हो जाए. आलराउंडर मानव प्रकाश और वासु वत्स का टेस्ट नेगेटिव आया था लेकिन उनमें संक्रमण के लक्षण थे और इसलिए उन्हें अलग थलग कर दिया गया था. युगांडा के खिलाफ मैच औपचारिक होने के बावजूद भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खिलाड़ी कोविड के कारण मानसिक तनाव में होंगे और जो खिलाड़ी पिछले मैच में चूक गये थे वे नॉकआउट से पहले मैच अभ्यास चाहेंगे.
युगांडा के लिए बेहद मुश्किल
अब तक सलामी बल्लेबाज हरनूर सिंह और अंगकृष रघुवंशी ने शानदार फॉर्म दिखाई है और उनसे टीम को फिर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों को बेहतर गति से रन बनाने की आवश्यकता है. धुल की गैरमौजूदगी में टीम की अगुवाई करने वाले निशांत सिंधू भी अच्छी लय में दिख रहे हैं. टीम के पास निचले मध्यक्रम में राजवर्धन हेंगारगेकर के रूप में अच्छा आक्रामक बल्लेबाज है. युगांडा ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता है. उसने पहला मैच आयरलैंड से 39 रन से गंवाया जबकि दक्षिण अफ्रीका ने उसे 121 रन से करारी शिकस्त दी थी.

