नॉर्थ साउंड। यंगिस्तान ने फिर से दुनिया जीत ली. कुल 14 वर्ल्ड कप का पांचवां खिताब भारत के नाम हुआ. कप्तान यश धुल के जांबाजों का यशगान पूरी दुनिया ने सुना. न खिलाडि़यों पर पड़ी कोरोना की मार रास्ता रोक सकी, न ही इस सफर के छह मैचों में सामने आई विपक्षी टीमें. आखिरकार अंडर-19 वर्ल्ड कप के लगातार चौथे फाइनल में पहुंची टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 4 विकेट से मात देकर रिकॉर्ड पांचवीं बार चमचमाती ट्रॉफी पर अपना नाम लिख दिया. वेस्टइंडीज के नॉर्थ साउंड में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में पहले तो अंग्रेजों को राज बावा के पांच और रवि कुमार के चार विकेटों ने 44.5 ओवर में 189 रन पर समेट दिया. फिर शेख रशीद (50) और निशांत सिंधू (50 रन नाबाद) के अर्धशतकों की मदद से जीत की मंजिल पर टीम इंडिया ने तिरंगा लहरा दिया. इंग्लैंड के लिए जेम्स रियू 95 रन बनाकर अकेले मोर्चा संभालते रहे. भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अजेय रही और ग्रुप चरण से फाइनल तक सभी छह मुकाबले जीते. इसके साथ ही दिल्ली के यश धुल भी मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद और पृथ्वी शॉ जैसे उन खिलाडि़यों की जमात में शामिल हो गए जिन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को विश्व विजयी बनाया.
राज ने बल्लेबाजी में भी दिखाया जलवा
190 रन के लक्ष्य के जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही और पहले ही ओवर में बिना खाता खोले अंगकृष रघुवंशी बॉयडेन की गेंद पर विकेटकीपर होर्टन को कैच दे बैठे. इसके बाद हरनूर सिंह और शेख रशीद ने संभलकर खेलते हुए दूसरे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी की. हरनूर के एस्पिनवाल की गेंद पर होर्टन को कैच देने से इस जोड़ी को टूटना पड़ा. हरनूर ने 46 गेंदों पर तीन चौकों से 21 रन बनाए. इसके बाद टीम शेख रशीद ने 50 रन तो कप्तान यश धुल 32 गेंदों में 17 रन बनाए. इस तरह टीम इंडिया के 97 रन पर 4 विकेट गिर गए थे. उसके बाद राज बावा (35 रन) और निशांत सिंधु (50 रन नाबद) ने 67 रनों की साझेदारी करके टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया. अंत में सिंधू के साथ दिनेश बाना 13 रन बनाकर नाबद रहे और भारत ने 47.4 ओवर में लक्ष्य को 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
आखिरी तीन विकेट 5 रन पर गिरे और इंग्लैंड का खेल खत्म
इंग्लैंड को इस समय पर बड़ी साझेदारी की जरूरत थी लेकिन वह बन नहीं रही थी. बावा ने थॉमस को खराब शॉट खेलने पर मजबूर किया और गेंद कवर पर धुल के हाथों में गई. इंग्लैंड का स्कोर 11वें ओवर में तीन विकेट पर 37 रन था. स्कोर 50 रन होने से पहले विलियम लक्सटन ने बावा की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे दिया. जॉर्ज बेल को बावा ने विकेट के पीछे दिनेश बाना के हाथों लपकवाया. इसके बाद रेहान अहमद ने बावा की गेंद पर पहली स्लिप में तांबे को कैच दिया. ऑफ स्पिनर तांबे ने एलेक्स हर्टोन को धुल के हाथों लपकवाया. उस समय इंग्लैंड 100 रन से सात रन पीछे थी. इसके बाद जेम्स रियू और जेम्स सेल्स ने पारी को संभाला. दोनों ने आठवें विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी की. इसके बाद आखिरी तीन विकेट 5 रन पर गिर गए और इंग्लैंड की पूरी पारी ढेर हो गई. जेम्स रियू ने 116 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 95 रन बनाए तो जेम्स सेल्स 65 गेंदों में 2 चौकों की मदद से नाबाद 34 रनों की पारी खेली. राज बावा ने 9.5 ओवर में 31 रन देकर पांच विकेट लिए जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार ने 34 रन देकर चार विकेट चटकाए.
छह मैच खेले, छह मैच जीते
भारतीय टीम की जीत का रिकॉर्ड इस मुकाबले में सौ प्रतिशत रहा. टीम ने फाइनल समेत कुल छह मुकाबले खेले और सभी में जीत का परचम लहराया. इनमें तीन ग्रुप मुकाबले शामिल थे जिनमें साउथ अफ्रीका, आयरलैंड और युगांडा को शिकस्त मिली. वहीं क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश और सेमीफाइनल में दो बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात दी. इसके बाद आखिरी लड़ाई में एक बार की चैंपियन इंग्लैंड को हराया.
टूर्नामेंट में ऐसा रहा भारत का सफर
- ग्रुप मैच में साउथ अफ्रीका को 45 रन से हराया.
- ग्रुप मैच में आयरलैंड को 174 रन से दी मात.
- ग्रुप मैच में युगांडा को 326 रन से दी मात.
- क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश को 5 विकेट से दी शिकस्त.
- सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 96 रन से धोया.
- फाइनल में इंग्लैंड को 4 विकेट से दी मात.
टूर्नामेंट के टॉप 3 भारतीय बल्लेबाज
1. अंगकृष रघुवंशी, 6 मैच, 278 रन
2. राज बावा, 5 मैच, 252 रन
3. यश धुल, 3 मैच, 229 रन
टूर्नामेंट के टॉप 3 भारतीय गेंदबाज
1. विक्की ओस्तवाल, 6 मैच, 12 विकेट
2. रवि कुमार, 6 मैच, 10 विकेट
3. राज बावा, 6 मैच, 9 विकेट
भारत के खिताब
साल 2000: मोहम्मद कैफ की कप्तानी में फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से दी मात.
साल 2008: विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका को 12 रन से हराकर टीम को बनाया चैंपियन.
साल 2012: ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से मात देकर जीता तीसरा खिताब, उन्मुक्त चंद थे कप्तान.
साल 2018: इस बार कप्तान पृथ्वी शॉ थे, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर जीती ट्रॉफी.
साल 2022: यश धुल की कप्तानी में इंग्लैंड को 4 विकेट से हराकर चैंपियन बनी टीम.

