नॉर्थ साउंड। चार साल, चौथा फाइनल और निगाहें कुल पांचवें खिताब पर। अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) में टीम इंडिया (Team India) की हकीकत ऐसी ही है. यश धुल (Yash Dhull) के नेतृत्व में भारत अब इस टूर्नामेंट के अपने कुल आठवें फाइनल में शनिवार को इंग्लैंड (England) के खिलाफ मैदान पर कदम रखेगा. पिछले चार सीजन की बात करें तो भारतीय टीम हर बार फाइनल में पहुंची है जबकि इंग्लैंड के लिए ये सफर 24 साल लंबा रहा है. भारत ने सबसे ज्यादा चार बार ये खिताब अपने नाम किया है वहीं इंग्लैंड की टीम इससे पहले सिर्फ एक बार साल 1998 में फाइनल में पहुंची थी और चैंपियन बनी थी. इस लिहाज से इंग्लैंड का फाइनल में जीत का रिकॉर्ड सौ प्रतिशत का रहा है. भारत की नजरें रिकॉर्ड पांचवें खिताब पर है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुश्किल भी नहीं लग रहा. दूसरी ओर इंग्लैंड का इरादा भी इतिहास रचने का है और दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है. वैसे भी अनिश्चितताओं के खेल में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नीं जा सकता.
अच्छी शुरुआत की जरूरत
वेस्टइंडीज में खेले जा रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 15 रन की करीबी जीत के बाद इंग्लैंड ने फाइनल में जगह बनाई. वहीं भारत ने दूसरे सेमीफाइनल में दो बार की चैंपियन मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 96 रन के बड़े अंतर से शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया. वो भी तब जबकि नियमित कप्तान यश धुल और उपकप्तान शेख रशीद कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद शुरुआती तीन में से दो मैच नहीं खेल सके थे. हालांकि सेमीफाइनल में धुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार शतक जड़ते हुए 110 रन बनाए. वहीं रशीद ने भी 94 रन की पारी खेली. ओपनर अंगकृष रघुवंशी और हरनूर सिंह सेमीफाइनल में चल नहीं सके और फाइनल में उन्हें अत्यधिक रक्षात्मक खेलने से बचना होगा. धुल और रशीद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरुआत के बाद जिस तरह से पारी को संभाला, उससे उनकी परिपक्वता नजर आई.
आईपीएल नीलामी में हो सकता है फायदा
इंडियन प्रीमियर लीग के मार्च में शुरू हो रहे 15वें सीजन की नीलामी बंगलुरु में 12 और 13 फरवरी को आयोजित की जानी है. ऐसे में सभी इस फ्रेंचाइजी की निगाहें अंडर-19 वर्ल्ड कप के स्टार क्रिकेटरों पर भी है. मौजूदा टीम में से कुछ ही खिलाड़ी सीनियर स्तर पर खेल सकेंगे लेकिन शनिवार को अपने प्रदर्शन से आईपीएल की आगामी मेगा नीलामी के लिए टीमों का ध्यान खींचने में जरूर कामयाब होंगे.
प्रेस्ट और जोशुआ से रहना होगा सावधान
जहां तक इंग्लैंड की टीम की बात है तो कप्तान टॉम प्रेस्ट ने अभी तक जबरदस्त खेल दिखाते हुए पांच मैचों में 70 की औसत से 292 रन बनाए हैं. वहीं भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड के कलाई के स्पिनर रेहान अहमद को भी संभलकर खेलना होगा जो बीच के ओवरों में विकेट ले रहे हैं. इसके अलावा इंग्लैंड के जोशुआ बॉयडेन के नाम पांच मैचों में 13 विकेट दर्ज है. जोशुआ मौजूदा टूनार्मेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे नंबर पर है.
टीम इंडिया के टेबल टॉपर
अंगीकृष रघुवंशी : 5 मैचों में 55.60 के औसत से 278 रन
राजवर्धन हंगारेकर : 5 मैचों में 12 विकेट
भारत के लिए खतरा
टॉम प्रेस्ट: 5 मैचों में 73 के औसत से 292 रन
जोशुआ बॉयडेन: 5 मैचों में 13 विकेट
अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन
भारत: 2002, 2008, 2012, 2018
इंग्लैंड: 1998
दोनों टीमें :-
भारत: यश धुल ( कप्तान ), हरनूर सिंह, अंगकृष रघुवंशी, शेख रशीद, निशांत सिंधू, सिद्धार्थ यादव, अनीश्वर गौतम, मानव पारख, कौशल ताम्बे, राजवर्धन हंगारगेकर, विक्की ओस्तवाल, गर्व सांगवान, दिनेश बाना, आराध्य यादव, राज बावा, वासु वत्स, रवि कुमार.
इंग्लैंड : टॉम प्रेस्ट ( कप्तान), जॉर्ज बेल, जोशुआ बॉयडेन, एलेक्स होर्टन, रेहान अहमद, जेम्स सेल्स, जॉर्ज थॉमस, थॉमस एस्पिनवाल, नाथन बर्नवेल, जैकब बेथेल, जेम्स कोलेस, विलियम लक्सटन, जेम्स रियू, फतेह सिंह, बेंजामिन क्लिफ.

